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Pithoragarh News: चमेलिया नदी का खतरा अब भी बरकरार
Sun, 06 Sep 2026 10:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 06 Sep 2026 10:56 PM IST
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झूलाघाट(पिथौरागढ़)। पड़ोसी देश नेपाल के दार्चुला के अपिहिमाल गांव पालिका, वार्ड एक में भट्टार के पास चमेलिया नदी का प्रवाह सामान्य हुआ है। वहां बनी कृत्रिम झील का दायरा घटने से फिलहाल चमेलिया के साथ ही महाकाली नदी के किनारे बसे नेपाल और भारतीय क्षेत्रों के लोगों में कुछ हद तक राहत है। हालांकि अब भी खतरा बरकरार है। ऐसा इसलिए कि पहाड़ी से लगातार भूस्खलन जारी है और फिर से नदी का प्रवाह रुकने की आशंका जताई जा रही है।
बीते शुक्रवार को नेपाल के अपिहिमाल गांव पालिका में भट्टार के पास पहाड़ी दरकने से चमेलिया नदी का प्रवाह रुक गया था। नदी पर कृत्रिम झील बन गई थी। यह नदी झूलाघाट के पास सिमपानी में दोनों देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बहने वाली काली नदी में मिलती है। ऐसे में चमेलिया का प्रवाह रुकने और इस पर कृत्रिम झील बनने से महाकाली नदी किनारे बसे नेपाल के साथ ही भारतीय क्षेत्र के कई गांवों को खतरा पैदा हो गया है।
चमेलिया का प्रवाह रुकने से भारतीय प्रशासन भी चिंतित था तो काली नदी किनारे बसे लोगों में दहशत थी। अब चमेलिया में हालात सामान्य बताए जा रहे हैं। दार्चुला के अपिहिमाल गांव पालिका, वार्ड एक के अध्यक्ष पोखर लोधियाल ने बताया कि चमेलिया में हुआ जलभराव सामान्य हो गया है।
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जानकारी के मुताबिक, अब भी पहाड़ी से लगातार भूस्खलन होने से मलबा चमेलिया में पहुंच रहा है। ऐसे में फिलहाल खतरा कम नहीं हुआ है। नेपाल और भारतीय प्रशासन चमेलिया नदी और पहाड़ी पर नजर बनाए हैं। वहीं फिलहाल चमेलिया का प्रवाह शुरू होने से महाकाली नदी किनारे बसे लोगों में राहत है।
........
चमेलिया नदी का प्रवाह शुरू हो गया है। फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। हम हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। नेपाल के अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है।
-भूपेंद्र महर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़
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बीते शुक्रवार को नेपाल के अपिहिमाल गांव पालिका में भट्टार के पास पहाड़ी दरकने से चमेलिया नदी का प्रवाह रुक गया था। नदी पर कृत्रिम झील बन गई थी। यह नदी झूलाघाट के पास सिमपानी में दोनों देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बहने वाली काली नदी में मिलती है। ऐसे में चमेलिया का प्रवाह रुकने और इस पर कृत्रिम झील बनने से महाकाली नदी किनारे बसे नेपाल के साथ ही भारतीय क्षेत्र के कई गांवों को खतरा पैदा हो गया है।
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चमेलिया का प्रवाह रुकने से भारतीय प्रशासन भी चिंतित था तो काली नदी किनारे बसे लोगों में दहशत थी। अब चमेलिया में हालात सामान्य बताए जा रहे हैं। दार्चुला के अपिहिमाल गांव पालिका, वार्ड एक के अध्यक्ष पोखर लोधियाल ने बताया कि चमेलिया में हुआ जलभराव सामान्य हो गया है।
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जानकारी के मुताबिक, अब भी पहाड़ी से लगातार भूस्खलन होने से मलबा चमेलिया में पहुंच रहा है। ऐसे में फिलहाल खतरा कम नहीं हुआ है। नेपाल और भारतीय प्रशासन चमेलिया नदी और पहाड़ी पर नजर बनाए हैं। वहीं फिलहाल चमेलिया का प्रवाह शुरू होने से महाकाली नदी किनारे बसे लोगों में राहत है।
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चमेलिया नदी का प्रवाह शुरू हो गया है। फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। हम हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। नेपाल के अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है।
-भूपेंद्र महर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़