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बर्फ पिघलाकर बुझ रही जवानों की प्यास
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
Updated Wed, 15 Mar 2017 10:09 PM IST
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नाभीढांग में बर्फ पिघलाकर पेयजल तैयार करते आईटीबीपी के जवान
- फोटो : अमर उजाला
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मार्च में हो रहे भारी हिमपात से उच्च हिमालयी क्षेत्र की सभी बार्डर आउट पोस्टों (बीओपी) को मिलने वाले पानी की सप्लाई बंद हो गई है। पानी के मूल स्रोत ही पूरी तरह से जम गए हैं। बीओपी में तैनात जवान बर्फ पिघलाकर प्यास बुझा रहे हैं। हालांकि पिछले वर्ष भी ऐसी स्थिति सामने आई थी, लेकिन मार्च में मौसम सामान्य हो गया था।
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आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि अब भी गुंजी, कालापानी, कुटी, नाभीढांग, ज्योलिकांग में भारी बर्फ जमा है। इससे इन पोस्टों में जाने वाला पानी पूरी तरह से जम गया है। पानी के मुख्य स्रोतों के साथ-साथ पाइप लाइनें भी पूरी तरह से जम गई हैं। इससे कई हफ्तों से वहां तैनात जवान आग जलाकर बर्तनों में बर्फ को पिघलाकर पानी को पीने योग्य और अन्य कामों के लिए तैयार कर रहे हैं। धूप निकलने के बाद भी इन पोस्टों में तापमान दो से पांच डिग्री से ऊपर नहीं जा रहा है। सुबह, शाम और रात का तापमान शून्य से पांच से दस डिग्री नीचे जा रहा है।
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सेनानी ने सभी बीओपी में तैनात जवानों को गश्त के समय अत्यधिक सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए हैं। भारी हिमपात के बाद ग्लेशियरों के खिसकने की आशंका अधिक रहती है। वहीं विषम परिस्थितियों में सीमा की सुरक्षा करने पर सेनानी ने सभी जवानों को सारी सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही है। बताया गया कि फिलहाल पेयजल को लेकर जवानों को इसी तरह का संकट झेलना पड़ेगा। अप्रैल में थोड़ा गर्मी बढ़ेगी तो फिर पेयजल लाइनों में पानी चलने लगेगा।
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