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बर्फबारी से माइनस तीन डिग्री पहुंचा तापमान
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धारचूला विकासखंड की दारमा घाटी के दुग्तु ग्राम में बर्फबारी के बाद पसरा सन्नाटा। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
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धारचूला (पिथौरागढ़)। जिले में पिछले चार दिन से हो रही बारिश और बर्फबारी के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तापमान माइनस तीन डिग्री पहुंच गया है। दारमा घाटी के चीन सीमा पर 17500 फुट पर स्थित अंतिम चौकी दावे और व्यास घाटी की 16 हजार फुट पर स्थित अंतिम चौकी वेलिसया, ज्योलिंकांग (14500 फुट), नाभीढांग (17000 फुट) में रविवार रात 4.5 फुट बर्फबारी हुई। ठंड के बावजूद सेना और आईटीबीपी के जवान मुस्तैदी से सीमाओं की सुरक्षा में लगे हैं।
दारमा के दर, नांगलिंग, सेला, चल, बालिंग, दुग्तु, सोन, दांतु, बोन, फिलम, तिदांग, गो, मारछा, सीपू और व्यास घाटी के बूंदी, गर्ब्यांग, नपलच्यू, गुंजी, नाभी, रोंकांग, कुटी गांवों में सोमवार को एक फुट बर्फबारी हुई। दारमा घाटी के मार्छा ग्राम के पूर्व प्रधान जीवन मार्छाल ने बताया कि लगातार बर्फबारी और बारिश के कारण दारमा घाटी के 14 गांवों के किसानों की पलती, फाफर, राजमा, मूली, आलू, मटर आदि फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
उधर व्यास घाटी की गुंजी सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल एवं रोंकांग प्रधान अंजू रोंकली ने बताया कि बारिश और बर्फबारी के कारण व्यास घाटी के सात गांवों में भी फसलें खराब हो चुकी है। उन्होंने प्रशासन से मौसम ठीक होने के बाद नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
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दारमा के दर, नांगलिंग, सेला, चल, बालिंग, दुग्तु, सोन, दांतु, बोन, फिलम, तिदांग, गो, मारछा, सीपू और व्यास घाटी के बूंदी, गर्ब्यांग, नपलच्यू, गुंजी, नाभी, रोंकांग, कुटी गांवों में सोमवार को एक फुट बर्फबारी हुई। दारमा घाटी के मार्छा ग्राम के पूर्व प्रधान जीवन मार्छाल ने बताया कि लगातार बर्फबारी और बारिश के कारण दारमा घाटी के 14 गांवों के किसानों की पलती, फाफर, राजमा, मूली, आलू, मटर आदि फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। उन्होंने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
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उधर व्यास घाटी की गुंजी सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल एवं रोंकांग प्रधान अंजू रोंकली ने बताया कि बारिश और बर्फबारी के कारण व्यास घाटी के सात गांवों में भी फसलें खराब हो चुकी है। उन्होंने प्रशासन से मौसम ठीक होने के बाद नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा देने की मांग की है।
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