फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   The system did not learn from the accidents, Mussoorikanda-Hokra road became a road with rocks

Pithoragarh News: सिस्टम ने हादसों से नहीं लिया सबक, रोखड़ बनी मसूरीकांडा-होकरा सड़क

Wed, 10 Sep 2025 09:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Wed, 10 Sep 2025 09:59 PM IST
विज्ञापन
The system did not learn from the accidents, Mussoorikanda-Hokra road became a road with rocks
मसूरीकांडा-होकरा सड़क पर खोयम के पास बना डेंजर जोन और मलबा हटाती जेसीबी। संवादमसूरीकांडा-होकरा
नाचनी/पिथौरागढ़। अनियोजित और असुरक्षित तरीके से सड़कों का निर्माण कर सिस्टम विकास के दावे तो कर रहा है लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है। जनता के लिए उपयोगी बताकर जिन सड़कों का निर्माण किया गया है वे आवाजाही के लायक नहीं हैं। प्रसिद्ध होकरा देवी मंदिर के साथ ही नामिक ग्लेशियर को जोड़ने वाली मसूरीकांडा-होकरा सड़क इसका प्रमाण है। सिर्फ छह साल के भीतर ही यह सड़क रोखड़ में बदल गई। डामर तो दूर सड़क पर यात्रियों, वाहन चालकों के साथ ही देश-विदेश के पर्यटकों और ट्रैकरों का सफर सुरक्षित बनाने के लिए न तो क्रैश बैरियर लगे हैं और न पैरापिट का निर्माण किया गया है।
विज्ञापन

खोयम, होकरा, गौला और नामिक गांव के साथ ही प्रसिद्ध होकरा देवी मंदिर को जोड़ने के लिए वर्ष 1998 में मसूरीकांडा से होकरा तक 10 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया। इसी सड़क से होकर देश-विदेश के सैकड़ों पर्यटक और ट्रैकर होकरा देवी मंदिर और नामिक ग्लेशियर पहुंचते हैं। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण यह सड़क सिस्टम की अनदेखी की मार सह रही है। संवाद न्यूज एजेंसी ने इस सड़क पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए किए गए सिस्टम के दावों की हकीकत जानने के लिए पड़ताल की।
विज्ञापन

यह पूरी सड़क रोखड़ में तब्दील हो चुकी है जबकि इस पर सिर्फ छह साल पहले की करोड़ों रुपये खर्च कर डामर किया गया था। सड़क पर आवाजाही करना खतरे से खाली नहीं है। हैरानी यह है कि सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी क्रैश बैरियर पूरी सड़क से गायब हैं और नीचे रौद्र रूप में बहने वाली रामगंगा नदी मौत बनकर झांक रही है। रोड़ी-गड्ढों से पटी सड़क पर कोई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुआ तो उसे संभलने का मौका भी नहीं मिलेगा और सीधे रामगंगा नदी में समा जाएगा। मसूरीकांडा-होकरा सड़क में सुरक्षा के इंतजाम करने के लिए गंभीरता न दिखाकर पूरा सिस्टम शायद किसी भयानक हादसे का इंतजार कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
कफुवाधार, खोयम में बने हैं डेंजर जोन, चेतावनी बोर्ड नहीं
नाचनी। मसूरीकांडा-होकरा सड़क पर कफुवाधार और खोयम में पहाड़ी दरकने से डेंजर जोन बन गए हैं। इन जगहों पर लगातार पहाड़ी से बोल्डर गिरते हैं। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। सिस्टम ने सब कुछ जानते हुए भी इसे अनदेखा कर यहां चेतावनी बोर्ड लगाना भी मुनासिब नहीं समझा है। पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरते हैं तो वाहन चालक खुद वाहनों का संचालन रोककर यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं। संवाद
--
लोनिवि और पीएमजीएसवाई के बीच घूम रही है सड़क
नाचनी। वर्ष 1998 में मसूरीकांडा-होकरा सड़क का निर्माण लोनिवि ने किया। राज्य गठन के बाद यह सड़क पीएमजीएसवाई को हस्तांतरित की दी गई। अब फिर से इस सड़क को लोनिवि को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। यह सड़क दोनों विभागों के बीच घूम रही है लेकिन इसके सुधारीकरण और इस पर सफर सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी कोई नहीं ले रहा है।
--
दो साल पहले 12 श्रद्धालुओं की हुई मौत
नाचनी। बदहाल हो चुकी मसूरीकांडा-होकरा सड़क पर दो साल पूर्व दो भयानक हादसे हुए। होकरा के पूर्व प्रधान सुंदर सिंह मेहता ने बताया कि इस खतरनाक सड़क पर जून 2023 में एक सप्ताह के भीतर दो यात्री जीप साणा बैंड के पास खाई में गिर गई थीं। दोनों घटनाओं में 12 यात्रियों को काल के गाल में समाना पड़ा। उन्होंने बताया कि बागेश्वर जिले के शामा से ये श्रद्धालु होकरा देवी के दर्शन के लिए आ रहे थे। उन्होंने बताया कि यदि सड़क पर डामर होता और क्रैश बैरियर लगाकर सुरक्षा के इंतजाम किए जाते तो शायद उन श्रद्धालुओं को जान न गंवानी पड़ती।
--
बोले लोग
मसूरीकांडा-होकरा सड़क पर आवाजाही करना खतरे से खाली नहीं है। डामर उखड़ने से बने गड्ढे दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। सुरक्षा के लिए क्रैश बैरियर लगाने से भी हाथ पीछे खींच लिए गए हैं। यदि सुरक्षात्मक कार्य नहीं हुए तो और भी हादसे हो सकते हैं। - सुंदर सिंह मेहता, पूर्व प्रधान, होकरा
--
पूरी सड़क रोखड़ में तब्दील हो चुकी है। वाहन संचालन में हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। रोजगार के लिए जान जोखिम में डालकर टैक्सी का संचालन करना मजबूरी है। क्रैश बैरियर भी लग जाते तो सफर सुरक्षित हो जाता। - गोविंद सिंह मेहता, टैक्सी संचालक, होकरा

--
मसूरीकांडा-होकरा सड़क पर छह साल पहले डामर और सुधारीकरण कार्य हुआ था। अनुबंध के बाद भी संबंधित ठेकेदार ने सड़क की देखभाल नहीं की। फिर से इस सड़क को लोनिवि को हस्तांतरित करने की कार्रवाई की जा रही है। - पंकज उप्रेती, अवर अभियंता, पीएमजीएसवाई, धारचूला

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed