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Pithoragarh News: करोड़ों की लागत से स्टेशन तो बना दिया, बसें कहां हैं सरकार

Tue, 09 Sep 2025 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Tue, 09 Sep 2025 10:51 PM IST
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The station was built at the cost of crores, but where are the buses, Government?
गिरीश पंत
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। गंगोलीहाट बाजार से एक किलोमीटर दूर कफलाड़ी में 3.10 करोड़ की लागत से रोडवेज स्टेशन बनकर तैयार हो गया है। दो महीने पहले बनकर तैयार हुए बस स्टेशन को क्षेत्र के विकास के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है लेकिन इस विकास को गति देने वाली बसें गायब हैं। हाल यह है कि जिला मुख्यालय जाने के लिए रोडवेज की कोई सीधी बस नहीं है।
क्षेत्र के लोगों का आए दिन जिला मुख्यालय काम पड़ता रहता है और उनको टैक्सियों का सहारा लेना पड़ता है, जो महंगी पड़ती हैं। वर्तमान में यहां से रोडवेज की मात्र तीन बसें संचालित हैं, जिनमें सुबह 6:30 बजे हल्द्वानी के लिए एक बस जाती है। हल्द्वानी से आकर यह बस दोपहर बाद तीन बजे यहां पहुंचती है। एकमात्र यही बस यहां रुकती है। इसके अलावा एक बस बेड़ीनाग से टनकपुर चलती है और तीसरी बस पिथौरागढ़-गंगोलीहाट होते हुए दिल्ली जाती है।
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अब रोडवेज स्टेशन बनकर तैयार हो गया है जिसमें कर्मचारियों के लिए आठ बेड की डॉरमेट्री, रेस्टोरेंट, कार्यालय, टिकट घर और एटीएम के कमरे बने हुए हैं। इसके अलावा बसों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह है लेकिन बड़ा सवाल यह है कि यहां बसें कब आएंगी। संवाद
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राज्य बनने से पहले गंगोलीहाट में बसों की स्थिति
राज्य बनने से पहले गंगोलीहाट से पिथौरागढ़ सुबह छह बजे बस जाती थी, जो दोपहर एक बजे पिथौरागढ़ से चलकर शाम को गंगोलीहाट पहुंचती थी। लोग सुबह जिला मुख्यालय जाकर अपना काम कर इस बस में लौट आते थे। इसी तरह सुबह छह बजे पिथौरागढ़ से गंगोलीहाट होते हुए ग्वालदम बस जाती थी, जो गंगोलीहाट सुबह 10 बजे पहुंचती थी। वहीं ग्वालदम से जो बस लौटती थी, वह दोपहर एक बजे गंगोलीहाट से पिथौरागढ़ रवाना होती थी। इसके अलावा पिथौरागढ़ से धरमघर के लिए बस चलती थी, जो दोपहर दो बजे गंगोलीहाट पहुंचती थी। धरमघर से पिथौरागढ़ चलने वाली बस 10 बजे गंगोलीहाट पहुंचती थी। अब ये तीनों बंद हो चुकी हैं।
कोट
राज्य बनने के बाद सरकारें यहां के लिए नई बसें चलाना तो दूर पुरानी बसों को भी ढंग से संचालित नहीं कर पाईं। क्षेत्रीय लोगों की समस्या का प्रशासन और सरकार को संज्ञान लेकर बसों की व्यवस्था करनी चाहिए। - भीम सिंह रावल, पुजारी महाकाली मंदिर कमेटी
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क्षेत्र के कई छात्र-छात्राएं पहले से पिथौरागढ़ महाविद्यालय में पढ़ने के लिए जिला मुख्यालय जाते हैं। उन्हें बस में किराया कम या माफ होने की सुविधा मिलती थी। लोग सीजनल सब्जियां और सामान अपने बच्चों के लिए भेजते थे, बसें नहीं चलने से यह सुविधा भी खत्म हो गई है। - मनोज वर्मा, पूर्व प्रधान
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आवश्यक घरेलू सामान खरीदने के लिए सेना से जुड़े लोगों को हर महीने जिला मुख्यालय जाना होता है लेकिन बस नहीं होने के कारण टैक्सियों का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में काफी ज्यादा किराया देकर आवाजाही करनी पड़ रही है। - आनंद सिंह, पूर्व सैनिक
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पहाड़ के लोगों ने उत्तराखंड राज्य के लिए अपनी शहादत दी। राज्य की मांग इसलिए थी कि यहां के लोगों को सुविधा मिलेगी लेकिन केवल ठेकेदारी की जा रही है। क्षेत्रीय लोगों की समस्याओं को सुनने-समझने वाला कोई नहीं है। यात्रा के लिए टैक्सी का सहारा लेने की मजबूरी है। - नारायण सिंह, ग्रामीण

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गंगोलीहाट होते हुए पिथौरागढ़-दिल्ली बस सेवा उपलब्ध है। हालांकि सीधी बस सेवा चलने पर सवारियां उपलब्ध नहीं होतीं। बसों की कमी भी है। बसें उपलब्ध होने पर गंगोलीहाट-पिथौरागढ़ बस सेवा को संचालित किया जा सकता है। - रविशेखर कापड़ी, एआरएम, पिथौरागढ़
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