बस्तड़ी में मकान के मलबे में मिला युवक का कंकाल
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30 जून 2016 की आपदा से तबाह हुए बस्तड़ी गांव में एक मकान के मलबे से युवक का कंकाल मिला है। बता दें कि आपदा से बस्तड़ी निवासी मोहन चंद्र भट्ट का मकान मलबे की चपेट में आकर टूट गया था। परिवार के पांच लोग मलबे में दब गए थे। इनमें से मोहन चंद्र भट्ट, उनकी पत्नी मंजू भट्ट, बेटी सुनीता और बेटे विनोद को तो रेस्क्यू टीम ने घायल अवस्था में मलबे से बाहर निकाल लिया था, लेकिन 18 वर्षीय गौरव भट्ट की लाश काफी खोजबीन के बाद नहीं मिल पाई थी। प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी जांच के बाद तब गौरव को भी मृत घोषित कर दिया था।
मोहन चंद्र भट्ट को शासन से नया मकान बनाने के लिए धनराशि मिली है। वह सिंगाली में नया मकान बना रहे हैं। मकान के लिए पत्थरों को वह बस्तड़ी स्थित पुराने टूटे मकान से मजदूर लगाकर निकलवा रहे हैं। बृहस्पतिवार को जब मजदूरों ने पत्थरों के लिए मोहन चंद्र भट्ट के पुराने मकान में खुदाई शुरू की तो अंदर के कमरे से एक कंकाल मिला। उससे शरीर पर कपड़े, चप्पल और पास ही पड़े मोबाइल फोन से उसकी पहचान गौरव के रूप में हुई। गांव के लोगों ने मकान के मलबे से युवक का कंकाल मिलने की जानकारी तहसील प्रशासन को दे दी है।
बस्तड़ी की आपदा में 21 लोगों की मौत हुई थी। रेस्क्यू के बाद 12 शव बरामद हुए थे। नौ लोगों के शव न मिलने के कारण प्रशासन ने उनको मृत घोषित कर दिया था और हर सदस्य का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर मुआवजा दे दिया था। गांव के लोगों को आशंका है कि कुछ शव इन टूटे मकानों में ही दबे रह गए होंगे।