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Pithoragarh News: छह दिन से सड़क बंद, न शिक्षक और न विद्यार्थी पहुंच पा रहे हैं स्कूल

Mon, 08 Sep 2025 11:00 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Mon, 08 Sep 2025 11:00 PM IST
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The road has been closed for six days, neither teachers nor students are able to reach school
नाचनी-बांसबगड़ सड़क पर पोर्थी गधेरे के पास भूस्खलन के बाद जमा मलबा। संवाद
नाचनी (पिथौरागढ़)। 16 से अधिक गांवों को जोड़ने वाली नाचनी-बांसबगड़ सड़क छह दिन से बंद होने से ग्रामीणों के साथ ही क्षेत्र के विद्यार्थियों की दिक्कत बढ़ गई है। सड़क बंद होने से न तो शिक्षक और न ही 50 विद्यार्थी स्कूल पहुंच पा रहे हैं। बीते छह दिनों से शिक्षक पोर्थी गधेरे तक पहुंचकर वापस लौट रहे हैं तो विद्यार्थी घर बैठने के लिए मजबूर हैं।
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नाचनी-बांसबगड़ सड़क तल्ला भैंसकोट, कोट्यूड़ा, हुपुली, पोर्थी, दुलियाबगड़, खेतभराड़, बांसबगड़, गूटी, बरा, धामीगांव, शेलमाली, दाखिम, मलौन, कोटा, पंद्रहपाला, लोद, माणीधामी आदि गांवों को जोड़ती है। इसी सड़क से होकर क्षेत्र के 50 से अधिक विद्यार्थी और शिक्षक प्राथमिक और इंटर कॉलेज बांसबगड़ पहुंचते हैं। पोर्थी गधेरे के पास पहाड़ी से भूस्खलन होने से छह दिन पूर्व यह सड़क बंद हो गई थी। अब तक सड़क न खुलने से ग्रामीणों के साथ ही शिक्षकों और विद्यार्थियों की दिक्कत बढ़ गई है। बीते छह दिनों से शिक्षक और विद्यार्थी स्कूल नहीं पहुंच सके हैं।
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शिक्षक हर रोज पोर्थी गधेरे तक पहुंच रहे हैं लेकिन सड़क बंद होने से उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है। वहीं विद्यार्थी घर पर बैठे हैं और इनकी पढ़ाई प्रभावित होने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। आपदा काल शुरू होने से पहले बंद सड़कों को शीघ्र खोलने की तैयारी पूरी होने के दावे किए गए थे। मानसूनी बारिश में यह दावे धुल गए हैं। इसकी मार सीमांत के लोग और विद्यार्थी सह रहे हैं।
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रसोई गैस की आपूर्ति ठप, खाद्य सामग्री की होने लगी किल्लत
सड़क बंद होने से क्षेत्र के 16 से अधिक गांवों का शेष दुनिया से संपर्क कटा है। बीते छह दिन से रसोई गैस की आपूर्ति ठप है और ग्रामीण लकड़ी का चूल्हा फूंकने के लिए मजबूर हैं। वाहनों की आवाजाही थमने से गांवों में राशन, फल, सब्जी सहित अन्य दैनिक जरूरत के सामान की आपूर्ति ठप है। ऐसे में 10 हजार से अधिक की आबादी परेशान है। ग्रामीण दो वक्त की रोटी के इंतजाम के लिए बमुश्किल गांवों से बाहर निकल रहे हैं और स्थानीय बाजार से पीठ पर राशन ढोकर घर पहुंचा रहे हैं। बांसबगड़ के बीडीसी सदस्य देवेश कुमार ने कहा कि जल्द सड़क नहीं खुली तो ग्रामीणों की दिक्कत और बढ़ेगी।

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कोट-
बड़े दायरे में लगातार भूस्खलन होने से सड़क खोलने में दिक्कत आ रही है। दो जेसीबी तैनात हैं। भूस्खलन रुकेगा तो मलबा हटाकर आवाजाही शुरू कराई जा सकती है। लगातार हो रही बारिश भी मुश्किल पैदा कर रही है। - वैभवकांत, अवर अभियंता, ब्रिडकुल, मुनस्यारी।
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