{"_id":"bcfa99b1dbdac406bb34b9087433f395","slug":"the-product-will-start-from-today-jauljibi-vnrawaton-fair-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वनरावतों के उत्पाद आज से लगेंगे जौलजीबी मेले में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वनरावतों के उत्पाद आज से लगेंगे जौलजीबी मेले में
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 13 Nov 2015 05:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वनरावतों की ओर से तैयार रिंगाल और बांस की टोकरी, डोके, सूप तथा अन्य सजावटी सामान को शनिवार से जौलजीबी में शुरू हो रहे मेले में बिक्री के लिए रखा जाएगा। यहां पर सेंट्रल हिमालया इंवारमेंट एसोसिएशन (चिया) की ओर से वनरावत महिलाओं को दस दिवसीय बांस, रिंगाल से सामान तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
विज्ञापन
इससे पहले प्रशिक्षण के समय तैयार सामग्री की मेले में बिक्री की जाएगी। वनरावत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह पहल की जा रही है। प्रदेश बांस विकास बोर्ड के प्रशिक्षक राजेश ने बताया कि वनरावतों को काष्ठकला परंपरागत रूप से आती है। अब प्रशिक्षण देकर उनके इस कौशल में निखार लाया जा रहा है। चिया के क्षेत्रीय प्रबंधक प्रदीप कांडपाल ने बताया कि महिलाओं में प्रशिक्षण को लेकर गहरी रुचि है और वह कला को निखारने का प्रयास कर रहे हैं। इस मौके पर टीआरसी के मैनेजर आनंद आर्या, वनरावत जानकी देवी, उमा देवी, भानमती देवी, भागीरथी देवी समेत तमाम लोग थे।
विज्ञापन