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चट्टानों ने रोकी मिलम की राह
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़।
Updated Thu, 31 Dec 2015 10:52 PM IST
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मुनस्यारी से मिलम तक 57 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य पूरा होने की अभी कोई उम्मीद नहीं है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारियों का कहना है कि सड़क को पूरा होने में अभी चार साल का समय और लग सकता है। सड़क वर्ष 2020 में ही पूरी हो पाएगी।
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प्रसिद्ध मिलम ग्लेशियर तक सड़क निर्माण का काम चार साल से चल रहा है। अब तक मुनस्यारी के पास धापा से मिलम की ओर 14 किलोमीटर सड़क बन चुकी है। यह काम बीआरओ ने एबीसीआई कंपनी को सौंप रखा है। धापा से आगे आठ किलोमीटर तक वाहनों का संचालन भी होने लगा है। मिलम से मुनस्यारी की तरफ सड़क निर्माण का काम बीआरओ खुद कर रही है। वहां से 19 किलोमीटर सड़क बन चुकी है।
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बीआरओ के आफीसर कमांडिंग डीएस राव ने बताया कि धापा से आगे कठोर चट्टान बाधा बन रही है। इसके अलावा अक्सर खराब मौसम के कारण भी निर्माण में बाधा पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि पहले सड़क को वर्ष 2017 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन इस अवधि में सड़क का काम पूरा होने की उम्मीद नहीं है। सड़क निर्माण का काम पूरा करने के लिए वर्ष 2020 तक का लक्ष्य तय किया गया है। यह सड़क मिलम जाने वाले पैदल रास्ते पर ही बन रही है। सड़क बनने पर पर्यटक और ट्रैकर वाहनों से मिलम ग्लेशियर जा सकेंगे।
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