{"_id":"6171b774058331662c63d0a0","slug":"the-movement-for-the-demand-of-didihat-district-has-been-going-on-for-21-days-no-sudhleva-pithoragarh-news-hld4421496157","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीडीहाट जिले की मांग को 21 दिन से चल रहा आंदोलन, कोई सुधलेवा नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीडीहाट जिले की मांग को 21 दिन से चल रहा आंदोलन, कोई सुधलेवा नहीं
विज्ञापन
डीडीहाट जिला बनाने की मांग को लेकर नारे लगाते लोग।
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीडीहाट(पिथौरागढ़)। जिला बनाने की मांग को लेकर सात दिनों से आमरण अनशन में बैठे कमलेश सिंह और पंकज बोरा के स्वास्थ्य में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कमलेश सिंह का वजन 10 किलो तो पंकज बोरा का वजन पांच किलो कम हो गया है। 21 दिन से डीडीहाट जिला बनाने की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है। बावजूद इसके आंदोलन की सुध नहीं ली जा रही है।
डीडीहाट जिला बनाओ संघर्ष समिति की ओर रामलीला मैदान में 21 दिन से चल रहे आंदोलन में सात दिनों से आमरण अनशन में बैठे कमलेश सिंह और पंकज बोरा का बृहस्पतिवार को चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। स्वास्थ्य में लगातार गिरावट होने पर दोनों अनशनकारियों से अनशन समाप्त करने की अपील की गई लेकिन वह मांग पूरी होने तक आंदोलन में जुटे रहने के लिए अड़े हैं। जिला बनाओ संघर्ष समिति के संयोजक लवि कफलिया ने कहा कि बिना जिले के गठन के यह आंदोलन को समाप्त नहीं किया जाएगा। धारचूला और मुनस्यारी तहसीलों के लोग भी जनसमर्थन देने के लिए डीडीहाट पहुंच रहे हैं। आमरण अनशन स्थल में रोजाना राष्ट्रगान और 500 दीयों को जलाकर सरकार से 15 अगस्त 2011 की घोषणा को पूरा करने की मांग की जा रही है। इस मौके पर दान सिंह कन्याल, खड़क सिंह बोरा, राजू बोरा, प्रकाश बोरा, मोहन सिंह मर्तोलिया, गिरधर सिंह आदि थे।
डीडीहाट जिला नही बनने से यहां का विकास रुक गया है। सीमांत तहसीलों को मिलाकर डीडीहाट को जिला घोषित करके भाजपा सरकार को अपनी 15 अगस्त 2011 को की गयी घोषणा को पूरा करना चाहिए। - मीनू पंत, गृहणी।
विज्ञापन
जिले के गठन के बाद कई व्यवसायिक संस्थान डीडीहाट में खुलने से बच्चों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। कई नये व्यवसायिक प्रतिष्ठान डीडीहाट में खुलेंगे जिसका सबसे ज्यादा फायदा यहां रहने वाले लोगों को मिलेगा। - सोनी जोशी गृहणी।
मड़कनाली-सुरखालपाठक सड़क की मांग के लिए जारी रहा अनशन
गंगोलीहाट(पिथौरागढ़)। मड़कनाली से सुरखाल पाठक तक सड़क बनाने की मांग कर रहे ग्रामीणों के क्रमिक अनशन को 102 दिन हो गए हैं। बावजूद इसके शासन प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं हुई। बृहस्पतिवार को पुष्कर सिंह भंडारी और देव सिंह भंडारी क्रमिक अनशन में बैठे। इस दौरान उन्होंने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। वहां संघर्ष समिति के अध्यक्ष ललित सिंह, केदार सिंह, बलबीर सिंह, जगत सिंह, पुष्कर सिंह, भगवान सिंह आदि थे। संवाद
विज्ञापन
डीडीहाट जिला बनाओ संघर्ष समिति की ओर रामलीला मैदान में 21 दिन से चल रहे आंदोलन में सात दिनों से आमरण अनशन में बैठे कमलेश सिंह और पंकज बोरा का बृहस्पतिवार को चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। स्वास्थ्य में लगातार गिरावट होने पर दोनों अनशनकारियों से अनशन समाप्त करने की अपील की गई लेकिन वह मांग पूरी होने तक आंदोलन में जुटे रहने के लिए अड़े हैं। जिला बनाओ संघर्ष समिति के संयोजक लवि कफलिया ने कहा कि बिना जिले के गठन के यह आंदोलन को समाप्त नहीं किया जाएगा। धारचूला और मुनस्यारी तहसीलों के लोग भी जनसमर्थन देने के लिए डीडीहाट पहुंच रहे हैं। आमरण अनशन स्थल में रोजाना राष्ट्रगान और 500 दीयों को जलाकर सरकार से 15 अगस्त 2011 की घोषणा को पूरा करने की मांग की जा रही है। इस मौके पर दान सिंह कन्याल, खड़क सिंह बोरा, राजू बोरा, प्रकाश बोरा, मोहन सिंह मर्तोलिया, गिरधर सिंह आदि थे।
विज्ञापन
डीडीहाट जिला नही बनने से यहां का विकास रुक गया है। सीमांत तहसीलों को मिलाकर डीडीहाट को जिला घोषित करके भाजपा सरकार को अपनी 15 अगस्त 2011 को की गयी घोषणा को पूरा करना चाहिए। - मीनू पंत, गृहणी।
विज्ञापन
जिले के गठन के बाद कई व्यवसायिक संस्थान डीडीहाट में खुलने से बच्चों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। कई नये व्यवसायिक प्रतिष्ठान डीडीहाट में खुलेंगे जिसका सबसे ज्यादा फायदा यहां रहने वाले लोगों को मिलेगा। - सोनी जोशी गृहणी।
मड़कनाली-सुरखालपाठक सड़क की मांग के लिए जारी रहा अनशन
गंगोलीहाट(पिथौरागढ़)। मड़कनाली से सुरखाल पाठक तक सड़क बनाने की मांग कर रहे ग्रामीणों के क्रमिक अनशन को 102 दिन हो गए हैं। बावजूद इसके शासन प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं हुई। बृहस्पतिवार को पुष्कर सिंह भंडारी और देव सिंह भंडारी क्रमिक अनशन में बैठे। इस दौरान उन्होंने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। वहां संघर्ष समिति के अध्यक्ष ललित सिंह, केदार सिंह, बलबीर सिंह, जगत सिंह, पुष्कर सिंह, भगवान सिंह आदि थे। संवाद