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Pithoragarh News: मेरा रूप देख के चंद्रमा शरमा गया
Wed, 09 Oct 2024 11:23 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 09 Oct 2024 11:23 PM IST
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पिथौरागढ़ सदर की रामलीला में वायु मार्ग से आता खर। संवाद
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय के नगरपालिका स्थित रामलीला मैदान और टकाना में आयोजित रामलीला में छठे दिन सूर्पणखा नासिका छेदन का मंचन किया गया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक उमड़ रहे हैं।
पंचवटी में राम, लक्ष्मण और सीता विराजमान है। इसी बीच सूर्पणखा का प्रवेश होता है। वह राम-लक्ष्मण को रिझाने का प्रयास करते हुए विवाह का प्रस्ताव रखती है। सूर्पणखा के मेरा रूप देख के चंद्रमा शरमा गया और छुप गया गीत पर नृत्य को काफी सराहा गया। सीता अपहरण, जटायु मिलन तक की लीला का मंचन किया गया। खर पवन जोशी, दूषण अनिल सिंह माहरा, त्रिशरा विजय कुमार, रावण कविंद्र शाह, सूर्पणखा की भूमिका संजय टम्टा ने निभाई।
बाक्स
मैं तो ताड़का तड़ाग तड़ तड़ ताड़ करती हूं ...
मुवानी । रामलीला के दूसरे दिन की लीला में ताड़का वध से लेकर जनकपुरी में पुष्प वाटिका तक की लीला तक मंचन किया गया। इस दौरान ताड़का ने जमकर उत्पात मचाया। लीला में ऋषि विश्वामित्र का जंगल में राक्षसों से यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ से राम-लक्ष्मण को मांगना, ताड़का, सुबाहु वध, अहिल्या तारण, राम-लक्ष्मण का पुष्प वाटिका में प्रवेश और सीता का गौरी पूजन करने तक की लीला दिखाई गई। हारमोनियम में श्यामाचरण उप्रेती तबले में उदित ने संगत दी। मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरीश चंद्र पंत रहे। यहां कमेटी के अध्यक्ष रमेश बम, निर्देशक संजय लाल वर्मा, उपाध्यक्ष दीपक कार्की, व्यवस्थापक जीवन बोरा, कोषाध्यक्ष कमलदीप बिष्ट समेत दर्शक मौजूद रहे। संवाद
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पंचवटी में राम, लक्ष्मण और सीता विराजमान है। इसी बीच सूर्पणखा का प्रवेश होता है। वह राम-लक्ष्मण को रिझाने का प्रयास करते हुए विवाह का प्रस्ताव रखती है। सूर्पणखा के मेरा रूप देख के चंद्रमा शरमा गया और छुप गया गीत पर नृत्य को काफी सराहा गया। सीता अपहरण, जटायु मिलन तक की लीला का मंचन किया गया। खर पवन जोशी, दूषण अनिल सिंह माहरा, त्रिशरा विजय कुमार, रावण कविंद्र शाह, सूर्पणखा की भूमिका संजय टम्टा ने निभाई।
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मैं तो ताड़का तड़ाग तड़ तड़ ताड़ करती हूं ...
मुवानी । रामलीला के दूसरे दिन की लीला में ताड़का वध से लेकर जनकपुरी में पुष्प वाटिका तक की लीला तक मंचन किया गया। इस दौरान ताड़का ने जमकर उत्पात मचाया। लीला में ऋषि विश्वामित्र का जंगल में राक्षसों से यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ से राम-लक्ष्मण को मांगना, ताड़का, सुबाहु वध, अहिल्या तारण, राम-लक्ष्मण का पुष्प वाटिका में प्रवेश और सीता का गौरी पूजन करने तक की लीला दिखाई गई। हारमोनियम में श्यामाचरण उप्रेती तबले में उदित ने संगत दी। मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गिरीश चंद्र पंत रहे। यहां कमेटी के अध्यक्ष रमेश बम, निर्देशक संजय लाल वर्मा, उपाध्यक्ष दीपक कार्की, व्यवस्थापक जीवन बोरा, कोषाध्यक्ष कमलदीप बिष्ट समेत दर्शक मौजूद रहे। संवाद
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