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उपचार में बिक गया घर-बार, मासूम को मदद की दरकार
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आयशा।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। नन्हे बच्चे की किलकारी मात्र से ही घर आंगन बसंत सा महक उठता है। बच्चे के जन्म से पूर्व ही जहां पिता उसके बेहतर भविष्य की तैयारियों में जुट जाती है तो मां अपने कलेजे के टुकड़े को हर सुरक्षा मुहैया कराना चाहती है। घर में लक्ष्मी रूपी बेटी के जन्म के बाद पिथौरागढ़ के पियाना निवासी सुभाष और रेनू का जीवन खुशियों से भर गया लेकिन उनकी यह खुशी तब काफूर होकर चिंता के भंवर में गुम हो गई जब डॉक्टर ने उन्हें मासूम के हृदय का वाल्व सिकुड़ा होने और नसों के भी ब्लॉक होने की जानकारी दी।
पिथौरागढ़ नगर के पियाना निवासी रेनू और सुभाष डेढ़ साल से अपनी बेटी आयशा के इलाज के लिए दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हैं। बकौल रेनू बिटिया के उपचार कराने में उनका घर बिक गया और लाखों रुपये का कर्ज होने के बाद भी बिटिया का उपचार नहीं हो पाया है। बच्ची के उपचार के लिए ऑपरेशन कराना होगा, जिसमें पांच खर्चा आएगा। रुपये की व्यवस्था नहीं होने के कारण वह बच्ची के उपचार कराने में असमर्थ हैं। उनका कहना है कि दिन प्रतिदिन उनकी तबियत बिगड़ रही है। हल्द्वानी के सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत गोनिया की पहल पर देहरादून के एक गुमनाम व्यक्ति मासूम बिटिया के उपचार का संपूर्ण खर्चा उठाने का आश्वासन दिया है।
केंद्रीय मंत्री स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने नहीं की मदद
पिथौरागढ़। मासूम की मां रेनू का कहना है कि हल्द्वानी पहुंचने के बाद एंबुलेंस से वो बच्ची को देहरादून ले गए। यहां तीन दिन भर्ती करने के बाद ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया। यहां कभी चिकित्सक और डायरेक्टर नहीं होने से बच्ची को फिर रेफर करने की बात करने लगे। केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट के अधिकारियों को आदेश देने के बाद भी बच्ची को ऋषिकेश से चंडीगढ़ रेफर कर दिया। उनका कहना है कि उनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं है। दिल्ली गंगा राम अस्पताल ने पांच लाख का इस्टीमेट दिया है। सहायता के लिए विधायक, सांसद, सीएम से बात करने का प्रयास किया लेकिन किसी से बात नहीं हो सकी।
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आयशा के उपचार के लिए मदद की गुहार
पिथौरागढ़। आयशा के माता पिता को मदद देने के लिए मोबाइल नंबर पर 7677427319, 7451888205 नंबर पर संपर्क कर बैंक खाता संख्या-2830100006188, आईएफसी कोड- आईसीएमआर-262012851, बैंक ऑफ बड़ौदा में सहयोग करने की अपील की है।
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पिथौरागढ़ नगर के पियाना निवासी रेनू और सुभाष डेढ़ साल से अपनी बेटी आयशा के इलाज के लिए दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हैं। बकौल रेनू बिटिया के उपचार कराने में उनका घर बिक गया और लाखों रुपये का कर्ज होने के बाद भी बिटिया का उपचार नहीं हो पाया है। बच्ची के उपचार के लिए ऑपरेशन कराना होगा, जिसमें पांच खर्चा आएगा। रुपये की व्यवस्था नहीं होने के कारण वह बच्ची के उपचार कराने में असमर्थ हैं। उनका कहना है कि दिन प्रतिदिन उनकी तबियत बिगड़ रही है। हल्द्वानी के सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत गोनिया की पहल पर देहरादून के एक गुमनाम व्यक्ति मासूम बिटिया के उपचार का संपूर्ण खर्चा उठाने का आश्वासन दिया है।
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केंद्रीय मंत्री स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने नहीं की मदद
पिथौरागढ़। मासूम की मां रेनू का कहना है कि हल्द्वानी पहुंचने के बाद एंबुलेंस से वो बच्ची को देहरादून ले गए। यहां तीन दिन भर्ती करने के बाद ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया। यहां कभी चिकित्सक और डायरेक्टर नहीं होने से बच्ची को फिर रेफर करने की बात करने लगे। केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट के अधिकारियों को आदेश देने के बाद भी बच्ची को ऋषिकेश से चंडीगढ़ रेफर कर दिया। उनका कहना है कि उनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं है। दिल्ली गंगा राम अस्पताल ने पांच लाख का इस्टीमेट दिया है। सहायता के लिए विधायक, सांसद, सीएम से बात करने का प्रयास किया लेकिन किसी से बात नहीं हो सकी।
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आयशा के उपचार के लिए मदद की गुहार
पिथौरागढ़। आयशा के माता पिता को मदद देने के लिए मोबाइल नंबर पर 7677427319, 7451888205 नंबर पर संपर्क कर बैंक खाता संख्या-2830100006188, आईएफसी कोड- आईसीएमआर-262012851, बैंक ऑफ बड़ौदा में सहयोग करने की अपील की है।