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Pithoragarh News: मानसिक रोगी को और बीमार कर देगा स्वास्थ्य विभाग का सिस्टम
Tue, 04 Nov 2025 10:43 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 04 Nov 2025 10:43 PM IST
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पिथौरागढ़। जिले के मानसिक रोगी व्यवस्थाओं की मार सह रहे हैं। मानसिक रोगियों को जिला अस्पताल में पर्ची कटवानी पड़ रही है और इलाज के लिए उन्हें आधा किलोमीटर दूर टीबी अस्पताल जाना पड़ रहा है।
दरअसल, जिले में तैनात एकमात्र मानसिक रोग चिकित्सक को टीबी अस्पताल का प्रभार दिया गया है। यह जिला क्षय रोग अधिकारी का दायित्व भी संभाल रहे थे। पूर्व में इलाज के लिए पहुंचने वाले मानसिक रोगियों के लिए टीबी अस्पताल में ही पर्ची काटने की व्यवस्था थी जिसे अब बंद कर दिया गया है। अब विभाग ने जिला अस्पताल में ही पर्ची काटने की व्यवस्था लागू की है इससे मानसिक रोगियों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
जिले भर से रोजाना आठ-दस लोग मानसिक रोग से जूझते हुए टीबी अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्हें यहां पहुंचकर जिला अस्पताल से पर्ची कटवाने की जानकारी मिल रही है। ऐसे में वह पर्ची कटवाने के लिए आधा किलोमीटर दूर जिला अस्पताल और फिर इलाज के लिए इतनी दूरी तय कर टीबी अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं।
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ऑनलाइन पर्ची कटवाने की व्यवस्था से बढ़ी दिक्कत
ऑनलाइन पर्ची कटवाने की व्यवस्था से मानसिक रोगियों की दिक्कत बढ़ गई है। जिला और महिला अस्पताल में ही ऑनलाइन पर्ची बन रही है। यदि टीबी अस्पताल में भी ऑनलाइन पर्ची बनाने की व्यवस्था लागू होती तो इसका लाभ मानसिक रोगियों को मिलता।
कोट
ऑनलाइन पर्ची काटने की व्यवस्था लागू हुई है। यह व्यवस्था सिर्फ जिला और महिला अस्पताल में ही है। यही कारण है कि टीबी अस्पताल में पर्ची नहीं कट रही है। वहां भी यह व्यवस्था लागू करने के प्रयास हो रहे हैं। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़
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दरअसल, जिले में तैनात एकमात्र मानसिक रोग चिकित्सक को टीबी अस्पताल का प्रभार दिया गया है। यह जिला क्षय रोग अधिकारी का दायित्व भी संभाल रहे थे। पूर्व में इलाज के लिए पहुंचने वाले मानसिक रोगियों के लिए टीबी अस्पताल में ही पर्ची काटने की व्यवस्था थी जिसे अब बंद कर दिया गया है। अब विभाग ने जिला अस्पताल में ही पर्ची काटने की व्यवस्था लागू की है इससे मानसिक रोगियों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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जिले भर से रोजाना आठ-दस लोग मानसिक रोग से जूझते हुए टीबी अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्हें यहां पहुंचकर जिला अस्पताल से पर्ची कटवाने की जानकारी मिल रही है। ऐसे में वह पर्ची कटवाने के लिए आधा किलोमीटर दूर जिला अस्पताल और फिर इलाज के लिए इतनी दूरी तय कर टीबी अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं।
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ऑनलाइन पर्ची कटवाने की व्यवस्था से बढ़ी दिक्कत
ऑनलाइन पर्ची कटवाने की व्यवस्था से मानसिक रोगियों की दिक्कत बढ़ गई है। जिला और महिला अस्पताल में ही ऑनलाइन पर्ची बन रही है। यदि टीबी अस्पताल में भी ऑनलाइन पर्ची बनाने की व्यवस्था लागू होती तो इसका लाभ मानसिक रोगियों को मिलता।
कोट
ऑनलाइन पर्ची काटने की व्यवस्था लागू हुई है। यह व्यवस्था सिर्फ जिला और महिला अस्पताल में ही है। यही कारण है कि टीबी अस्पताल में पर्ची नहीं कट रही है। वहां भी यह व्यवस्था लागू करने के प्रयास हो रहे हैं। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़