{"_id":"687d26a85172e57694018aaf","slug":"the-dream-of-building-a-ropeway-till-the-flag-hill-could-not-come-true-pithoragarh-news-c-230-1-pth1004-130502-2025-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: ध्वज की पहाड़ी तक रोप वे बनाने का सपना नहीं हो पाया साकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: ध्वज की पहाड़ी तक रोप वे बनाने का सपना नहीं हो पाया साकार
Sun, 20 Jul 2025 10:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 20 Jul 2025 10:56 PM IST
विज्ञापन
कनालीछीना (पिथौरागढ़)। प्रसिद्ध ध्वज की पहाड़ी तक रोप-वे बनाने का सपना साकार नहीं हो पाया है। यदि रोप-वे बनता तो पर्यटन काे बढ़ावा मिलता। ग्रामीणों ने सतगढ़ से ध्वज तक रज्जू मार्ग निर्माण की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है।
ध्वज की पहाड़ी पर मां जयंती का मंदिर है। इसके अलावा छुरमल मंदिर में शिव गुफा है। हर साल हजारों लोग मां जयंती के दर्शन के लिए यहां आते हैं। मंदिर तक पलेटा या फिर सतगढ़ से आवागमन होता है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में कहा कि ध्वज से कनालीछीना पांच किलोमीटर और सतगढ़ तीन किलोमीटर है। धार्मिक के साथ ही यह क्षेत्र औषधीय पादपों के लिए भी विशेष रूप से जाना जाता है। स्कंद पुराण के मानसखंड में ध्वज के आध्यात्मिक और औषधीय जड़ी- बूटी के गुणों का वर्णन है।
पूर्व मंत्री प्रकाश पंत ने मार्ग बनाने की स्वीकृति दी थी, लेकिन रज्जू मार्ग अभी तक भी नहीं बन पाया है। रज्जू मार्ग बन जाने से पर्यटकों को आने-जाने में आसानी होती। पर्यटन को बढ़ावा मिलने से रोजगार के अवसर भी बढ़ते। सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र कापड़ी, रमेश कापड़ी, कैलाश कापड़ी, विजय कापड़ी, सतीश कापड़ी आदि ने ध्वज तक रज्जू मार्ग बनाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ध्वज की पहाड़ी पर मां जयंती का मंदिर है। इसके अलावा छुरमल मंदिर में शिव गुफा है। हर साल हजारों लोग मां जयंती के दर्शन के लिए यहां आते हैं। मंदिर तक पलेटा या फिर सतगढ़ से आवागमन होता है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में कहा कि ध्वज से कनालीछीना पांच किलोमीटर और सतगढ़ तीन किलोमीटर है। धार्मिक के साथ ही यह क्षेत्र औषधीय पादपों के लिए भी विशेष रूप से जाना जाता है। स्कंद पुराण के मानसखंड में ध्वज के आध्यात्मिक और औषधीय जड़ी- बूटी के गुणों का वर्णन है।
विज्ञापन
पूर्व मंत्री प्रकाश पंत ने मार्ग बनाने की स्वीकृति दी थी, लेकिन रज्जू मार्ग अभी तक भी नहीं बन पाया है। रज्जू मार्ग बन जाने से पर्यटकों को आने-जाने में आसानी होती। पर्यटन को बढ़ावा मिलने से रोजगार के अवसर भी बढ़ते। सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र कापड़ी, रमेश कापड़ी, कैलाश कापड़ी, विजय कापड़ी, सतीश कापड़ी आदि ने ध्वज तक रज्जू मार्ग बनाने की मांग की है।
विज्ञापन