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Pithoragarh News: जिला और महिला अस्पताल खुद बीमार, कैसे मिलेगा बेहतर उपचार

Sat, 13 Jun 2026 10:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 13 Jun 2026 10:46 PM IST
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The District and Women's Hospitals are ailing themselves; how can better treatment be expected?
जिला अस्पताल, पिथौरागढ़। संवाद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले की छह लाख की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाला सबसे बड़ा जिला अस्पताल सिस्टम की बेरुखी से खुद बीमारी से जूझ रहा है। बीमारी ऐसी कि जो मरीजों पर भारी पड़ रही है। जिला अस्पताल में चिकित्सकों के 34 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष 13 पद लंबे समय से रिक्त हैं, इनमें विशेषज्ञ भी शामिल हैं। इस अस्पताल में मरीजों का खासा दबाव रहता है। अन्य अस्पतालों में जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं न होने से रोजाना 800 से अधिक लोग जिले के विभिन्न हिस्सों से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने की उम्मीद में इस अस्पताल में पहुंचते हैं। विशेषज्ञ सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध न होने से मरीजों को यहां भी बेहतर इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है। यहां तक मरीजों को भर्ती करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है और बरामदे में बिस्तर लगाकर इलाज किया जा रहा है। पे
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दान में मिले आईसीयू के संचालन के लिए स्टाफ की नहीं हुई तैनाती
सीमांत और दुर्गम जिले में दान में मिले आईसीयू के लिए स्वास्थ्य विभाग और सरकार सात साल बाद भी स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती नहीं कर सकी है। हंस फाउंडेशन के सहयोग से वर्ष 2019 में जिला अस्पताल में ढाई करोड़ रुपये से आईसीयू स्थापित किया गया। आईसीयू में करोड़ों की मशीनें भी लगा दी गईं, लेकिन संचालन के लिए जरूरी स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो सकी। आईसीयू के संचालन के लिए बेहोशी के डॉक्टर, फिजिशियन सहित 24 स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती होनी है। छह सालों में सिर्फ नौ स्टाफ नर्स ही आईसीयू को मिले हैं।
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रेडियोलॉजिस्ट की खल रही है कमी, गर्भवतियां भी परेशान

करीब दो साल पूर्व जिले में सिर्फ जिला अस्पताल में तैनात रेडियोलॉजिस्ट का स्थानांतरण हो गया। तब से अब तक यहां रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है। सामान्य चिकित्सक को छह महीने का रेडियोलॉजी का प्रशिक्षण देकर काम चलाया जा रहा है। इन्हीं के भरोसे जिले भर के मरीजों और गर्भवतियों का अल्ट्रासाउंड हो रहा है। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में दो साल बाद भी स्थायी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती न होना स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी के दावों की हकीकत बयां कर रहा है। संवाद
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न बाल रोग और ना ही चर्म रोग विशेषज्ञ
जिला अस्पताल में न तो बाल रोग और ना ही चर्म रोग विशेषज्ञ की तैनाती है। सेवा विस्तार के जरिए सेवानिवृत्त बाल रोग विशेषज्ञ बच्चों का इलाज कर रहे हैं। उन पर जिला अस्पताल में पहुंचने वाले बच्चों के साथ ही महिला अस्पताल में नवजातों की जांच और इलाज की जिम्मेदारी है।


कोट
रिक्त पदों की सूचना समय-समय पर निदेशालय को दी जाती है। अब जिला अस्पताल चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन संचालित हो रहा है। उम्मीद है विशेषज्ञों की तैनाती के साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़
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