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बोल्डर की चपेट में आने से नाबालिग की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़।
Updated Mon, 25 Jul 2016 10:38 PM IST
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कोटा निवासी एक छात्र की जंगल में बोल्डर की चपेट में आने से मौत हो गई। नाबालिग का शव 13 घंटे बाद चट्टान से निकाला जा सका। नाबालिग राजकीय हाईस्कूल कोटा में 10वीं का छात्र था। रविवार का अवकाश होने के कारण जानवरों को चराने जंगल गया था। रविवार को कोटा के जसमल सिंह का बेटा सुंदर सिंह (16) जानवर चराने जंगल गया था। शाम को करीब चार बजे सुंदर पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आ गया। पत्थरों के साथ सुंदर भी पहाड़ी से खाई में गिर गया। परिजनों और गांववालों ने सुंदर की तलाश की लेकिन वह नहीं मिला। सोमवार सुबह 8 बजे उसका शव एक चट्टान में अटका मिला। प्रधान वीरेंद्र सुयाल ने हादसे की सूचना आपदा प्रबंधन केंद्र मुनस्यारी और राजस्व निरीक्षक, पुलिस थाने को दी। गांव के 75 लोग घटनास्थल पर पहुंच गए।
थानाध्यक्ष महेश कांडपाल, राजस्व उप निरीक्षक मनोज कुमार, रमेश गड़िया सूचना मिलने के बाद रेसक्यू टीम के साथ सोमवार सुबह घटनास्थल के लिए रवाना हुए। घटनास्थल तक जाने के लिए सात किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। दल करीब 4 बजे घटनास्थल पर पहुंचा। ग्रामीणों की मदद से रस्सियों के सहारे नाबालिग का शव चट्टान से निकाला। शव को पोस्टमार्टम के लिए गौचर (थल) भेजा गया है। मृतक का बड़ा भाई त्रिलोक सिंह मुनस्यारी में बीए में पढ़ता है। घटना के बाद से घर में कोहराम मचा हुआ है। शोक में सोमवार को कोटा हाईस्कूल बंद रहा।
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