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Pithoragarh News: माणीधामी प्राथमिक विद्यालय का भवन जर्जर, बच्चों ने भी मुंह मोड़ा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 03 Oct 2025 10:40 PM IST
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The building of Manidham Primary School is dilapidated, even the children have turned away.
बंगापानी के माणी धामी गांव में जर्जर प्राथमिक विद्यालय। संवाद
बंगापानी (पिथौरागढ़)। सरकारी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर सुविधाओं से लैस करने के दावे धरातल पर बेअसर हैं। इसकी बानगी प्राथमिक विद्यालय माणी धामी है। स्कूल का भवन जर्जर हुआ तो नौनिहालों की सुरक्षा से चिंतित अभिभावकों ने उनको दाखिला दूसरे स्कूलों में करा दिया। आलम यह है कि 20 छात्र संख्या वाले विद्यालय में दो ही विद्यार्थी रह गए हैं।
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दरअसल, राजकीय प्राथमिक विद्यालय माणी धामी का भवन जीर्ण-शीर्ण हो चुका है। भवन की छत और दीवारों पर जगह-जगह दरारें आ गई हैं। इसके चलते इनके गिरने का खतरा पैदा हो गया है। लंबे समय से अभिभावक विद्यालय के भवन के सुधारीकरण की मांग कर रहे हैं। सिस्टम ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा रहा कि अभिभावकों ने अपने बच्चों का प्रवेश अन्य विद्यालयों में करा दिया।
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पिछले सत्र में स्कूल में 20 बच्चे पढ़ रहे थे और इस सत्र में यह संख्या दो पर पहुंच गई है। दोनों बच्चे पांचवी कक्षा में पढ़ते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विद्यालय भवन की मरम्मत नहीं कराई गई तो आने वाले शिक्षा सत्र में यहां छात्रसंख्या शून्य हो जाएगी।
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सुरक्षित स्कूल न होने से पलायन करना मजबूरी

बंगापानी। गांव में बच्चों के लिए सुरक्षित स्कूल न होना यहां पलायन का कारण भी बना है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अभिभावकों ने उनका नाम इस विद्यालय से कटवा दिया। बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए उन्हें गांव से ही पलायन करना पड़ा। हालात यह है कि गांव और इसके आसपास के अधिकांश लोग पलायन कर चुके हैं। आर्थिक बोझ उठाकर बच्चों को अन्यत्र पढ़ाना ग्रामीणों की मजूबरी बन चुका है।
प्रतिक्रिया:
विद्यालय भवन जर्जर हो चुका है। शासन-प्रशासन को कई बार विद्यालय भवन की हालत के बारे में अवगत कराने के बावजूद भी इसके सुधारीकरण के लिए गंभीरता नहीं दिखाई गई। ऐसे में यहा छात्रसंख्या लगातार घट रही है। चंद्र सिंह मेहरा, अध्यक्ष, अभिभावक संघ

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विद्यालय भवन की खराब स्थिति देखते हुए गांव वालों ने अपने बच्चों का दूसरे स्कूलों में प्रवेश करा लिया है। अब 5वीं कक्षा में केवल 2 बच्चे रह गए हैं। अगले साल कोई अपने बच्चों को प्रवेश नहीं दिलाएगा तो इस विद्यालय में ताले लग जाएंगे। यह चिंताजनक है। मनोहर सिंह मेहरा, अभिभावक
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कोट:
विद्यालय भवन के सुधारीकरण का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है। इसकी स्वीकृति मिलते ही भवन मरम्मत का काम शुरू होगा।
डीएल आर्या, खंड शिक्षा अधिकारी, मुनस्यारी
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