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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Telephone in Border Area

चीन सीमा से लगी आईटीबीपी की अग्रिम चौकियों में फोन सुविधा शुरू

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 17 Nov 2020 09:45 PM IST
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Telephone in Border Area
धारचूला का चीन सीमा से सटा कुटी गांव। - फोटो : PITHORAGARH
धारचूला (पिथौरागढ़)। चीन सीमा पर भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की अग्रिम चौकियों में तैनात जवान अब फोन पर अपने परिजनों का हालचाल ले सकेंगे। वी सेट के जरिये इन चौकियों में फोन सेवा की शुरुआत कर दी गई है। आपात स्थिति में इन इलाकों के बाशिंदों को भी इस संचार सेवा का लाभ मिल सकेगा।
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चीन सीमा से लगी पिथौरागढ़ जिले की व्यास घाटी में स्थित सात और दारमा घाटी के 14 गांवों में संचार की सुविधा नहीं थी। चीन सीमा की सुरक्षा में मुस्तैद आईटीबीपी और सेना के पास भी सूचना के अदान- प्रदान के लिए वायरलेस ही एकमात्र विकल्प था। सीमा पर तैनात जवान महीनों तक अपने परिजनों से बात नहीं कर पाते थे। चीन से चल रही तनातनी के बाद आईटीबीपी की अग्रिम चौकियों में वी सेट लगा दिए गए हैं। इनके माध्यम से अब सीमा पर होने वाली किसी भी गतिविधि की जानकारी फौरन सुरक्षा एजेंसियां अपने उच्चाधिकारियों तक पहुंचा सकेंगी। सीमा पर तैनात जवान भी अपने परिजनों से इसकी सहायता से बातचीत कर सकेंगे। आईटीबीपी के एक अधिकारी ने बताया कि विशेष परिस्थितियों में इस संचार सेवा का लाभ यहां के गांवों में रहने वाले लोगों को भी दिया जाएगा।
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रांगकांग की प्रधान अंजू रौंकली, कुटी के प्रधान धर्मेंद्र कुटियाल, गुंजी के प्रधान सुरेश गुंज्याल, दारमा घाटी के सीपू गांव की प्रधान शांति देवी, तिदांग के प्रधान दीना तितियाल आदि ने क्षेत्र में फोन सुविधा शुरू होने पर खुशी जताई है। उनका कहना है कि सेना और आईटीबीपी के प्रयासों से ग्रामीणों को भी संचार का लाभ मिलेगा यह खुशी की बात है।
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सुरक्षा कारणों से बंद रहेगी वीडियो कॉलिंग
धारचूला। सूत्रों के अनुसार सीमांत की अग्रिम चौकियों में जो वी सेट लगाए गए हैं उनका उपयोग केवल ऑडियो कॉलिंग के लिए होगा। सुरक्षा कारणों से फिलहाल वीडियो कॉलिंग की सुविधा बंद रखी जाएगी।
अब सेकेंडों में मिल जाएगी आपदा की जानकारी
धारचूला। धारचूला तहसील के व्यास और दारमा घाटी के गांवों की तहसील मुख्यालय से दूरी 30 से 80 किमी तक है। पहले इन घाटियों के गांवों में किसी तरह की घटना या आपदा की जानकारी मिलने में प्रशासन को दो दिन से लेकर एक हफ्ते तक लग जाते थे। दोनों घाटियों के गांवों तक सड़क पहुंचने के बाद छह से सात घंटे में सूचना मिल रही थी, पर अब सुरक्षा बलों की अग्रिम चौकियों में संचार सेवा शुरू होने से शासन-प्रशासन को कुछ ही पल में घटना की जानकारी मिल जाया करेगी।

छांगरु में तीन साल पहले ही वाइफाई पहुंचा चुका है नेपाल
धारचूला। भारत के चीन और नेपाल सीमा से लगे गांवों में अभी तक ग्रामीणों को संचार सुविधा नहीं मिल सकी है, वहीं पड़ोसी नेपाल, चीन सीमा से सटे अपने छांगरु गांव में तीन साल पहले ही संचार सेवा उपलब्ध करा चुका है। छांगरु गांव में लोग वाइफाई सुविधा का लाभ भी उठा रहे हैं। व्यास घाटी के पंचायत प्रतिनिधियों ने घाटी के सभी गांवों में मोबाइल टावर लगाकर ग्रामीणों को संचार सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
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