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तकनीकी ज्ञान ही कर सकता है रोजगार सृजन
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 09 Jun 2018 10:27 PM IST
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सीमांत इंजीनियरिंग कालेज के सम्मेलन में मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
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सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज में न्यूटंस-2018 के दूसरे दिन छात्र-छात्राओं को तकनीकी ज्ञान के माध्यम से रोजगार सृजन की जानकारी दी गई। इस दौरान विषय विशेषज्ञों ने पंचेश्वर बांध की बारीकियों और उससे होने वाले फायदों के बारे में भी बताया।
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शनिवार को आईआईटी सिलचर के प्रो. बीके राय, एनआईटी हमीरपुर के प्रो. बीबी शर्मा ने आधुनिक समय में तकनीकी की उपयोगिता पर विशेष बल दिया। उन्होंने तकनीकी के माध्यम से स्वरोजगार के बहुआयामी पक्षों और कठिनाइयों के समाधान की जानकारी दी। प्रो. शर्मा ने पहाड़ पर हो रहे भूस्खलन एवं भूकटाव की जीआईएस के जरिये निगरानी की तकनीक की बारीकियां बताईं। मदनमोहन मालवीय विश्वविद्यालय बनारस के प्रो. अवधेश कुमार ने तकनीकी गुणवत्ता से उत्तराखंड के पंचेश्वर में बन रहे बांध के बारे में बताया।
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प्रो. अखिलेश सिंह ने नेटवर्किंग की नई तकनीकी को आज की जरूरत बताया। काठमांडू विश्वविद्यालय के डॉ. दल बहादुर थापा, भूटान सेंट्रल इंस्टीट्यूट के प्रो. यांगचुंग और श्रीलंका रिसर्च इंस्टीट्यूट के डॉ. हसन गुणावर्धन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीकी विज्ञान की जानकारी दी। संचालन डॉ. जयप्रकाश सिंह, डॉ. अभय सिंह, डॉ. रीना पांडेय, डॉ. प्रांजलि बाफिला ने किया।
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