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Pithoragarh News: ब्लैक होल के जेट प्लाज्मा की संरचना का पता लगा
Fri, 12 Jul 2024 11:34 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 12 Jul 2024 11:34 PM IST
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राजकिशोर जोशी।
थल (पिथौरागढ़)। आर्य भट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वैज्ञानिकों ने ब्लैक होल से निकलने वाले जेट प्लाज्मा की संरचना का पहली बार पता लगाया है।
यह खोज एरीज के वैज्ञानिक डॉ. इंद्रनील चट्टोपाध्याय और क्षेत्र के मसमोली गांव निवासी शोध छात्र राजकिशोर जोशी पुत्र देवेंद्र जोशी ने की है। एस्ट्रोफिजिकल जर्नल नामक अंतरराष्ट्रीय विज्ञान पत्रिका में यह खोज प्रकाशित हुई है। वैज्ञानिक डॉ. चट्टोपाध्याय एवं जोशी के अनुसार इस खोज से ब्लैक होल और न्यूट्रॉन तारों के करीब चलने वाली भौतिक प्रक्रिया की बारीकी को समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि सैद्धांतिक रूप से जेट की ऊष्मा गति को मात्रा, द्रव्यमान घनत्व, ऊर्जा घनत्व और दबाव के बीच संबंध का पता नहीं था। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज एरीज के लिए बड़ी उपलब्धि है। इस खोज से ब्लैक होल और उनसे निकलने वाले जेट के अन्य रहस्यों को सुलझाने में आसानी होगी। शोध छात्र जोशी की इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव मसमोली में खुशी की लहर है।
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यह खोज एरीज के वैज्ञानिक डॉ. इंद्रनील चट्टोपाध्याय और क्षेत्र के मसमोली गांव निवासी शोध छात्र राजकिशोर जोशी पुत्र देवेंद्र जोशी ने की है। एस्ट्रोफिजिकल जर्नल नामक अंतरराष्ट्रीय विज्ञान पत्रिका में यह खोज प्रकाशित हुई है। वैज्ञानिक डॉ. चट्टोपाध्याय एवं जोशी के अनुसार इस खोज से ब्लैक होल और न्यूट्रॉन तारों के करीब चलने वाली भौतिक प्रक्रिया की बारीकी को समझने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि सैद्धांतिक रूप से जेट की ऊष्मा गति को मात्रा, द्रव्यमान घनत्व, ऊर्जा घनत्व और दबाव के बीच संबंध का पता नहीं था। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज एरीज के लिए बड़ी उपलब्धि है। इस खोज से ब्लैक होल और उनसे निकलने वाले जेट के अन्य रहस्यों को सुलझाने में आसानी होगी। शोध छात्र जोशी की इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव मसमोली में खुशी की लहर है।
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