फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Strict land law was needed, government brought black law

Pithoragarh News: जरूरत थी सख्त भू कानून की, सरकार ले आई काला कानून

Sat, 08 Jul 2023 11:47 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 08 Jul 2023 11:47 PM IST
विज्ञापन
Strict land law was needed, government brought black law
रमेश कापड़ी। संवाद
पिथौरागढ़। विधि आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष और कांग्रेस कार्यकर्ता रमेश कापड़ी ने उत्तराखंड की भूमि पर अतिक्रमण निषेध अध्यादेश को लेकर सरकार पर तीखे प्रहार किए हैं। उनका कहना है कि राज्य को सख्त भू कानून की जरूरत थी लेकिन सरकार ने काला कानून लाकर आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
विज्ञापन

कापड़ी ने पत्रकारों से कहा कि वर्ष 1962 के बाद राज्य में कोई बंदोबस्त नहीं हुआ है। सरकारी जमीन पर बस्तियां बस गई हैं। इस कानून के बाद ये बस्तियां भी क्या अतिक्रमण की जद में आ जाएंगी। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में घास उगाने के लिए पुश्तैनी रूप से ग्रामीण भूमि का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। क्या इनका स्वामित्व राज्य सरकार के पास है। क्या सरकार घास उगाकर, मवेशियों को पालकर परिवार का भरण पोषण करने वाले गरीब लोगों पर कार्रवाई करेंगी। नगरीय क्षेत्र में 1995 में नजूल नीति आने के बाद कई लोगों की जमीन फ्री होल्ड हो चुकी है, लेकिन कई लोगों की भूमि फ्री होल्ड नहीं हो पाई है और पट्टे की अवधि खत्म हो चुकी है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि राज्य का भू कानून अलग और केंद्र का भू कानून अलग है। यूसीसी (समान नागरिक संहिता ) की बात करने वाली सरकार एक देश में दो कानून कैसे लेकर आ रही है। उन्होंने कहा कि राज्य को सख़्त भू कानून की आवश्यकता है। इसको लेकर सरकार चुप है और बाहरी लोग लगातार भूमि की खरीद फरोख्त कर रहे हैं। सरकार को पहले सख्त भू-कानून को लेकर सोचना चाहिए। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

--------------------------------
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed