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सोलर ताड़बाड़ बेकार, 700 नाली जमीन बंजर
Wed, 27 Mar 2019 10:22 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , डीडीहाट (पिथौरागढ़)।
ब्यूरो/ अमर उजाला , डीडीहाट (पिथौरागढ़)।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Wed, 27 Mar 2019 10:22 PM IST
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डीडीहाट का हाट गांव।
- फोटो : पिथौरागढ़
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ग्राम सभा हाट में पिछले दो वर्ष में 700 नाली उपजाऊ जमीन बंजर हो गई है। वन्य जीवों से खेतों को बचाने के लिए यहां कुछ साल पहले सोलर तार बाड़ लगाई गई थी लेकिन इसके बाद उरेडा ने इस ओर ध्यान देना बंद कर दिया।
हाट गांव करीब 75 परिवारों का तहसील मुख्यालय से लगा गांव है। गांव के फलसीमा और सुनार खेत तोक में कुछ साल पहले तक धान की फसल लहलहाती थी। चरमा गाड़ से लगे खेतों में जब रोपाई लगती थी तो हुड़के के बोल भी सुनाई देते थे। किसान लवि कफलिया ने बताया कि नौ वर्ष पूर्व खेतीबाड़ी को बचाने के लिए उरेडा की ओर से सोलर तार बाड़ लगाई गई थी।
इसमें रात के समय करंट छोड़े जाने से सुअरों के आतंक से फसल बची रहती थी। तीन वर्ष तक तो सब कुछ ठीक रहा, लेकिन बाद में सोलर फैंसिंग जीर्णशीर्ण हो गई। कई बार उरेडा से बात करने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। ग्रामीणों ने डीडीहाट भ्रमण पर आने वाले मुख्यमंत्रियों के समक्ष भी गुहार लगाई। पूर्व प्रधान धन सिंह कफलिया के मुताबिक खेती उपेक्षित होने से किसान आज मजदूरी करने को विवश है।
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हाट गांव करीब 75 परिवारों का तहसील मुख्यालय से लगा गांव है। गांव के फलसीमा और सुनार खेत तोक में कुछ साल पहले तक धान की फसल लहलहाती थी। चरमा गाड़ से लगे खेतों में जब रोपाई लगती थी तो हुड़के के बोल भी सुनाई देते थे। किसान लवि कफलिया ने बताया कि नौ वर्ष पूर्व खेतीबाड़ी को बचाने के लिए उरेडा की ओर से सोलर तार बाड़ लगाई गई थी।
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इसमें रात के समय करंट छोड़े जाने से सुअरों के आतंक से फसल बची रहती थी। तीन वर्ष तक तो सब कुछ ठीक रहा, लेकिन बाद में सोलर फैंसिंग जीर्णशीर्ण हो गई। कई बार उरेडा से बात करने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। ग्रामीणों ने डीडीहाट भ्रमण पर आने वाले मुख्यमंत्रियों के समक्ष भी गुहार लगाई। पूर्व प्रधान धन सिंह कफलिया के मुताबिक खेती उपेक्षित होने से किसान आज मजदूरी करने को विवश है।
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