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Snowfall: धारचूला-मुनस्यारी में बर्फबारी, जल स्रोत जमने से बढ़ी मुश्किलें; कड़ाके की ठंड से बढ़ी ठिठुरन

Tue, 24 Dec 2024 05:17 PM IST
हीरा मेहरा शालू दताल, संवाद
शालू दताल, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Tue, 24 Dec 2024 05:17 PM IST
सार

व्यास घाटी में बर्फबारी के बाद यहां तैनात एसएसबी के जवान सीमा सुरक्षा में डटे हैं। 10,500 फुट ऊंचाई पर माइनस 19 डिग्री तापमान में भी सैनिकों का हौसला कम नहीं हुआ है।

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Snowfall in Dharchula-Munsiyari Pithoragarh
बर्फबारी के बाद भी सुरक्षा में डटे हैं जवान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पिथौरागढ़ जिले में मौसम ने फिर से करवट बदली है। जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम का दूसरा हिमपात हुआ। ऐसे में चोटियां बर्फ से लकदक हो गईं। बारिश और बर्फबारी से तापमान गिरा तो पूरे जिले में कड़ाके की ठंड से लोग बेहाल हैं। चीन सीमा से सटे मुनस्यारी के मिलम, बुगड़ियार जबकि धारचूला के दारमा, व्यास घाटियों में छह इंच से एक फुट बर्फ गिरने से जल स्रोत पूरी तरह जम गए हैं इससे यहां पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में यहां के लोगों और सीमा पर डटे सैनिक बर्फ पिघलाकर पानी की जरूरत को पूरा कर रहे हैं।

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सीमांत जिले में बीते सोमवार देर शाम मौसम का मिजाज बदल गया। धारचूला और मुनस्यारी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हुई जो दूसरे दिन भी जारी रही। मुनस्यारी के कालामुनी, बलाती में एक से दो इंच, मिलम, बुगडियार में तीन से छह इंच जबकि धारचूला के दारमा और व्यास घाटी में छह इंच से एक फुट बर्फ गिरी। वहीं मंगलवार सुबह जिला मुख्यालय सहित मुनस्यारी, धारचूला, कनालीछीना, नैनीपातल आदि हिस्सों में हल्की बारिश हुई। निचले इलाकों में बारिश और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद तापमान गिरने से पूरे जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है और शीतलहर का प्रकोप जारी है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव, ब्लोवर, हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा लेने के लिए मजबूर हैं।

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दारमा, व्यास घाटी के साथ ही मिलम, बुगडियार में बर्फबारी के बाद तापमान माइनस पांच से माइनस 19 पहुंच गया है इससे जल स्रोत पूरी तरह जम गए हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में लोगों और सीमा पर डटे सैनिकों के सामने जल संकट पैदा हो गया है और वे पानी के लिए बर्फ पिघलाने को मजबूर हैं। हालांकि बर्फबारी के बाद काली पड़ चुकी हिम श्रृखंलाओं में रौनक लौटी है और ये फिर से बर्फ से ढक गई हैं। बर्फ से लकदक हुई चोटियों को देख पर्यावरण प्रेमियों के साथ ही पर्यटकों में खुशी है। दारमा और व्यास घाटियों में पहुंचे पर्यटकों ने बर्फबारी का जमकर आनंद उठाया और बर्फ देख वे खुशी से झूम उठे। 

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बर्फबारी के बाद भी सुरक्षा में डटे हैं जवान
व्यास घाटी में बर्फबारी के बाद यहां तैनात एसएसबी के जवान सीमा सुरक्षा में डटे हैं। 10,500 फुट ऊंचाई पर माइनस 19 डिग्री तापमान में भी सैनिकों का हौसला कम नहीं हुआ है। एसएसबी की 11 वीं वाहिनी के प्रभारी निरीक्षक अविरंजन कुमार के नेतृत्व में सात जवानों ने गुंजी से नचेती गाड़ तक छह किमी दायरे में गश्त की। प्रभारी निरीक्षक अविरंजन कुमार ने बताया कि हिमालयी क्षेत्रों में सुबह के समय तापमान माइनस 19 जबकि रात में माइनस 23 डिग्री पहुंच रहा है।

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