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मजिया के हरे जंगलों से उठा धुंआ
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नाचनी के मजिया में हरे जंगलों से उठता धुआं।
- फोटो : PITHORAGARH
नाचनी (पिथौरागढ़) मुनस्यारी के मजिया में हरे जंगलों से धुआं उठना लोगों में कौतूहल का विषय बना हुआ है। जंगल से उठे धुएं के बाद लोग इसे आग समझ बैठे।
फायर सीजन न होने के बाद भी धुआं लोगों के बीच रहस्य बना हुआ नजर आया। शनिवार को वन क्षेत्र मुनस्यारी के मजिया दो कंपार्टमेंट में बारह बजे से बिना आग के ही धुआं निकलने लगा। जिसके बाद लोग इसे लेकर तरह- तरह के कयास लगाते नजर आए।
लोगों ने कहा कि किसी शिकारी ने जंगल में आग लगाई होगी तो कोई दो दिन से क्षेत्र में बारिश न होने कारण तेज गर्मी के चलते पहाड़ियों में नमी खत्म होने के बाद आग लगने का अनुमान लगा रहा है। लेकिन किसी ने भी आग की लपटें नहीं देखी हैं। सिर्फ धुएं को देखकर कयास लगा रहे हैं।
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चूने की पहाड़ियां हैं। चूने में पानी गिरने से धुआं लगने की संभावना हैं। बारिश से लगातार नमी बनी हुई हैं। ऐसा में आग लगना संभव नहीं हैं। -प्रदीप कुमार, भूगर्भ वैज्ञानिक, पिथौरागढ़
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फायर सीजन न होने के बाद भी धुआं लोगों के बीच रहस्य बना हुआ नजर आया। शनिवार को वन क्षेत्र मुनस्यारी के मजिया दो कंपार्टमेंट में बारह बजे से बिना आग के ही धुआं निकलने लगा। जिसके बाद लोग इसे लेकर तरह- तरह के कयास लगाते नजर आए।
लोगों ने कहा कि किसी शिकारी ने जंगल में आग लगाई होगी तो कोई दो दिन से क्षेत्र में बारिश न होने कारण तेज गर्मी के चलते पहाड़ियों में नमी खत्म होने के बाद आग लगने का अनुमान लगा रहा है। लेकिन किसी ने भी आग की लपटें नहीं देखी हैं। सिर्फ धुएं को देखकर कयास लगा रहे हैं।
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चूने की पहाड़ियां हैं। चूने में पानी गिरने से धुआं लगने की संभावना हैं। बारिश से लगातार नमी बनी हुई हैं। ऐसा में आग लगना संभव नहीं हैं। -प्रदीप कुमार, भूगर्भ वैज्ञानिक, पिथौरागढ़
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