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पर्वतारोहण का बेसिक प्रशिक्षण लेकर लौटी छह सदस्य

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 08 May 2021 12:01 AM IST
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Six members returned with basic mountaineering training
धारचूला(पिथौरागढ़)। क्लाइम्बिंग बियौन्ड द समिट्स की छह सदस्यीय टीम पर्वतारोहण का बेसिक कोर्स कर लौटी आई है। टीम की मनीषा सीपाल को बेस्ट महिला कैडेट के खिताब से नवाजा गया। टीम को ये कोर्स अटल बिहारी वाजपेयी संस्थान, मनाली में करना पड़ा। मुनस्यारी में पंडित नैन सिंह पर्वतारोहण संस्थान का संचालन नहीं होने के कारण लोग पर्वतारोहण के बेसिक प्रशिक्षण के लिए बाहर की दौड़ लगा रहे हैं।
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सीबीटीएस संस्था के संस्थापक और उत्तराखंड के पर्वतारोही योगेश गर्ब्याल ने बताया कि संस्था ने चयन प्रक्रिया के बाद प्रथम चरण में मेनका गुंज्याल, कला बराल, मनीषा, माधुरी, मीनाक्षी रावत, द्रौपदी रौकली को प्रशिक्षण को भेजा गया। ये सभी सदस्य आगामी सितंबर में होने वाले वूमैन एक्सपीडिशन टीम का हिस्सा होंगी। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष पर्वतारोहण प्रशिक्षण और ऑल वूमैन एक्सपीडिशन कोराना के चलते स्थगित करना पड़ा। इस वर्ष अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण संस्थान में स्पेशल बीएम कोर्स आयोजित किया गया था। इसमें लगभग 48 सदस्यों ने हिस्सा लिया। जिसमें अधिकांश सदस्य महाराष्ट्र के थे। इस कोर्स में धारचूला की मनीषा बेस्ट महिला कैडेट का खिताब मिला। उन्होंने कहा कि पर्वतारोहण के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए सीबीटीएस संस्था हर साल एक्सपीडिशन आयोजित करेगी। बताया कि इस वर्ष सितंबर में 12 महिला सदस्यों की टीम भागीरथी चोटी फतह करने को निकलेंगी। 2022 में सीबीटीएस संस्था आठ हजार मीटर से ऊंचाई वाले पर्वत श्रृंखला को फतह करेगी।
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पंडित नैन सिंह संस्थान का संचालन शुरू किया जाय
धारचूला(पिथौरागढ़)। सीबीटीएस संस्था के योगेश गर्ब्याल का कहना है कि मुनस्यारी के पंडित नैन सिंह पर्वतारोहण संस्थान का संचालन शुरू करने को पहल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महान सर्वेयर के नाम पर बनाए गए संस्थान का संचालन न होना उनका अपमान है। क्षेत्रवासी कई वर्षों से इसके संचालन के लिए राज्य सरकार से आग्रह कर चुके हैं। पर कुछ नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था ने संस्थान को हर साल 50 बच्चों को पर्वतारोहण कोर्स को भेजने के लिए आवेदन किया गया था। योगेश ने कहा कि संस्थान संचालित होता है तो क्षेत्र की जनता और युवाओं को बहुत फायदा होगा और साहसिक खेलों से जुड़े लोगों सक्षम बनेंगे। रोजगार और आपदा प्रबंधन के दृष्टि से भी युवाओं को तैयार किया जा सकेगा।
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