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Pithoragarh News: जिला अस्पताल के इमरजेंसी में ईएमओ के छह पद रिक्त
Sun, 11 May 2025 10:43 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 11 May 2025 10:43 PM IST
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जिला अस्पताल पिथौरागढ़। संवाद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले की स्वास्थ्य सुविधा एकमात्र बीडी पांडेय जिला अस्पताल और महिला अस्पताल पर निर्भर हैं। इसके बावजूद अस्पताल में आपातकालीन चिकित्साधिकारी (ईएमओ) के छह पद लंबे समय से रिक्त हैं। 24 घंटे संचालित रहने वाले इमरजेंसी कक्ष में आने वाले मरीजों को दिक्कतें हो रही हैं।
पांच लाख से अधिक की आबादी वाले सीमांत के जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में प्रतिदिन लगभग एक हजार से अधिक मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में दोनों अस्पतालों के इमरजेंसी कक्ष में लगातार मरीजों का दबाव रहता है। सरकार और विभाग की उदासीनता के चलते इन दोनों अस्पतालों के इमरजेंसी कक्ष में स्वीकृत चिकित्साधिकारी (ईएमओ) के पदों के सापेक्ष छह पदों पर चिकित्सक की तैनाती लंबे समय से नहीं हो पाई है। अस्पतालों में तैनात ईएमओ रोस्टर पर ड्यूटी करने को मजबूर हैं।
दूरस्थ क्षेत्र धारचूला, मुनस्यारी, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट सहित अनेक क्षेत्रों के लोग कई बार इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं। इसके अलावा पड़ोसी देश नेपाल से भी मरीज पहुंचते हैं। आपातकालीन कक्ष में चिकित्सकों की कमी कई बार सीमांत के मरीजों की जान पर बन आती है। अस्पतालों में पदों के रिक्त होने और मरीजों के अधिक दबाव के कारण वर्तमान में तैनात आपातकालीन चिकित्सकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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कोट-
जिला अस्पताल में रिक्त ईएमओ के पदों की जानकारी उच्चस्तर पर दी गई है। अस्पताल में तैनात ईएमओ की ड्यूटी रोस्टर वाइज कर इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। - भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस जिला अस्पताल।
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पांच लाख से अधिक की आबादी वाले सीमांत के जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में प्रतिदिन लगभग एक हजार से अधिक मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में दोनों अस्पतालों के इमरजेंसी कक्ष में लगातार मरीजों का दबाव रहता है। सरकार और विभाग की उदासीनता के चलते इन दोनों अस्पतालों के इमरजेंसी कक्ष में स्वीकृत चिकित्साधिकारी (ईएमओ) के पदों के सापेक्ष छह पदों पर चिकित्सक की तैनाती लंबे समय से नहीं हो पाई है। अस्पतालों में तैनात ईएमओ रोस्टर पर ड्यूटी करने को मजबूर हैं।
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दूरस्थ क्षेत्र धारचूला, मुनस्यारी, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट सहित अनेक क्षेत्रों के लोग कई बार इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते हैं। इसके अलावा पड़ोसी देश नेपाल से भी मरीज पहुंचते हैं। आपातकालीन कक्ष में चिकित्सकों की कमी कई बार सीमांत के मरीजों की जान पर बन आती है। अस्पतालों में पदों के रिक्त होने और मरीजों के अधिक दबाव के कारण वर्तमान में तैनात आपातकालीन चिकित्सकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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कोट-
जिला अस्पताल में रिक्त ईएमओ के पदों की जानकारी उच्चस्तर पर दी गई है। अस्पताल में तैनात ईएमओ की ड्यूटी रोस्टर वाइज कर इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। - भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस जिला अस्पताल।