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Pithoragarh News: बहनों को च़ढ़नी होगी चढ़ाई, तब सजेगी भाइयों की कलाई
Tue, 29 Aug 2023 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 29 Aug 2023 10:58 PM IST
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पिथौरागढ़/बंगापानी। पहाड़ जैसी मुश्किलों के बीच रक्षाबंधन का सभी बहनों को इंतजार रहता है। कितना ही दुरूह और कठिन मार्ग हो, बहनों में भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए उत्साह और कौतुहल रहता है। बहनें कितना भी पैदल चलना पड़े, भाईयों को कलाई पर राखी बांधने के लिए हर बाधा को पार कर भाई के पास पहुंचती हैं।
भाई और बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन का पर्व 31 अगस्त को मनाया जाएगा। पर्व को लेकर बहनों में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है। सीमांत में कई गांव ऐसे हैं जहां बहनों को काफी लंबी दूरी तय कर भाइयों के घर पहुंचना पड़ता है। पैदल चलते बहनों के पांव में छाले पड़ जाते हैं लेकिन भाई से मिलने की खुशी में उनकी चलने की गति और बढ़ जाती है।
ग्राम सभा माणीधामी की रुकमा देवी (40) पत्नी राजेंद्र सिंह कहती हैं साल भर इस दिन का इंतजार करती हूं। वह मीठे पकवान बनाकर 18 किमी दूर अपने भाई के घर धामीगांव पहुंचती है। पहाड़ी का रास्ता काफी दुर्गम है। चलते-चलते पांव में छाले पड़ जाते हैं लेकिन रक्षाबंधन की यह खुशी ऐसी है कि दर्द का अहसास ही नहीं होता है। आलमदारमा की भागीरथी देवी (28) पत्नी अजीत सिंह धामी दारमा से 12 किमी पैदल चलकर मुख्य सड़क बंगापानी तक पहुंचती हैं। यहां से वाहन से आठ किमी लुमती जाती हैं। लुमती से फिर 10 किमी दूर मेतली पहुंच भाई को रखाी बांधती हैं।
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यशोदा देवी (24) पत्नी लक्ष्मण सिंह धामी दारमा से 10 किमी पैदल सड़क तक वहां से फिर वाहन से 15 किमी जाराजिबली पहुंचती हैं। वहां से 10 किमी की पैदल दूरी नापकर भटभटा अपने भाई के घर पहुंच राखी बांधती हैं। इन बहनों का कहना है कि वर्ष में यह दिन एक बार आता है। कहा कि रक्षाबंधन को लेकर बहुत उत्साह है।
बाक्स
सीमांत जिले में 13 सड़कें बंद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में 15 सड़कें मलबा और बोल्डर आने से बंद हैं। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें बंद होने से रक्षाबंधन के पर्व पर बहनों को भाइयों के घर जाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिले में रामगंगापुल-मुनस्यारी, तवाघाट-लिपुलेख, पिथौरागढ़-तवाघाट, तवाघाट-थानीधार, डीडीहाट-आदिचौरा-हुनेरा, बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाला, डोर-सैंणरांथी, मदकोट-तोमिक, मसूरीकांठा-होकरा, छिरकिला-जम्कू, कालिका-खुमति, एलागाड़-जुम्मा, मदकोट-फापा सड़कें बंद चल रही हैं। इनमें कुछ सड़कें जून माह से ही बार-बार मलबा आने से बंद हो रही हैं। 15 सड़कों के बंद होने से एक लाख से अधिक की आबादी परेशान है। संवाद
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चंपावत जिले की खुली हैं सभी सड़कें
चंपावत। जिले में कोई सड़क बंद नहीं है। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग सहित जिले की सभी ग्रामीण सड़कें खुली हैं। थुवामौनी-बांस बस्वाड़ी गांव की सड़क सोमवार शाम खुलने के साथ ही सभी सड़कें खुल चुकी हैं। इस वजह से रक्षा बंधन पर्व पर राखी बांधने के लिए बहनों को भाइयों के घरों में जाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। संवाद
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भाई और बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन का पर्व 31 अगस्त को मनाया जाएगा। पर्व को लेकर बहनों में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है। सीमांत में कई गांव ऐसे हैं जहां बहनों को काफी लंबी दूरी तय कर भाइयों के घर पहुंचना पड़ता है। पैदल चलते बहनों के पांव में छाले पड़ जाते हैं लेकिन भाई से मिलने की खुशी में उनकी चलने की गति और बढ़ जाती है।
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ग्राम सभा माणीधामी की रुकमा देवी (40) पत्नी राजेंद्र सिंह कहती हैं साल भर इस दिन का इंतजार करती हूं। वह मीठे पकवान बनाकर 18 किमी दूर अपने भाई के घर धामीगांव पहुंचती है। पहाड़ी का रास्ता काफी दुर्गम है। चलते-चलते पांव में छाले पड़ जाते हैं लेकिन रक्षाबंधन की यह खुशी ऐसी है कि दर्द का अहसास ही नहीं होता है। आलमदारमा की भागीरथी देवी (28) पत्नी अजीत सिंह धामी दारमा से 12 किमी पैदल चलकर मुख्य सड़क बंगापानी तक पहुंचती हैं। यहां से वाहन से आठ किमी लुमती जाती हैं। लुमती से फिर 10 किमी दूर मेतली पहुंच भाई को रखाी बांधती हैं।
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यशोदा देवी (24) पत्नी लक्ष्मण सिंह धामी दारमा से 10 किमी पैदल सड़क तक वहां से फिर वाहन से 15 किमी जाराजिबली पहुंचती हैं। वहां से 10 किमी की पैदल दूरी नापकर भटभटा अपने भाई के घर पहुंच राखी बांधती हैं। इन बहनों का कहना है कि वर्ष में यह दिन एक बार आता है। कहा कि रक्षाबंधन को लेकर बहुत उत्साह है।
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सीमांत जिले में 13 सड़कें बंद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में 15 सड़कें मलबा और बोल्डर आने से बंद हैं। ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें बंद होने से रक्षाबंधन के पर्व पर बहनों को भाइयों के घर जाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिले में रामगंगापुल-मुनस्यारी, तवाघाट-लिपुलेख, पिथौरागढ़-तवाघाट, तवाघाट-थानीधार, डीडीहाट-आदिचौरा-हुनेरा, बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाला, डोर-सैंणरांथी, मदकोट-तोमिक, मसूरीकांठा-होकरा, छिरकिला-जम्कू, कालिका-खुमति, एलागाड़-जुम्मा, मदकोट-फापा सड़कें बंद चल रही हैं। इनमें कुछ सड़कें जून माह से ही बार-बार मलबा आने से बंद हो रही हैं। 15 सड़कों के बंद होने से एक लाख से अधिक की आबादी परेशान है। संवाद
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चंपावत जिले की खुली हैं सभी सड़कें
चंपावत। जिले में कोई सड़क बंद नहीं है। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग सहित जिले की सभी ग्रामीण सड़कें खुली हैं। थुवामौनी-बांस बस्वाड़ी गांव की सड़क सोमवार शाम खुलने के साथ ही सभी सड़कें खुल चुकी हैं। इस वजह से रक्षा बंधन पर्व पर राखी बांधने के लिए बहनों को भाइयों के घरों में जाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। संवाद