{"_id":"5d6172d08ebc3e016e026350","slug":"shilpi-anil-hudayati-a-model-of-chardham-pithoragarh-news-hld3540545125","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रपति भवन के संग्रहालय की शोभा बढ़ाएगा चारधाम मॉडल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रपति भवन के संग्रहालय की शोभा बढ़ाएगा चारधाम मॉडल
विज्ञापन
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ चारधाम मॉडल बनाने वाले अनिल कुमार। अमर उजाला
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रपति भवन के संग्रहालय की शोभा बढ़ाने जा रहा चारधाम का मॉडल सोरघाटी के हुड़ैती गांव के शिल्पी अनिल कुमार की टीम ने तैयार किया है। प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के सौजन्य से चारधाम का मॉडल राष्ट्रपति कार्यालय तक पहुंच गया है। मॉडल देख खुश हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अनिल को शाबासी दी।
अनिल कुमार (37) पुत्र होशियार राम पिछले 15 वर्षों से आठ युवाओं की टीम के साथ नारायण आश्रम, थलकेदार, मोस्टामानू मंदिर की कलाकृति बना रहे हैं। उन्होंने कुछ समय पूर्व साल, शीशम, तुन, चीड़ और देवदार की लकड़ी से बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर की कलाकृति (चारधाम मॉडल) बनाई। यह मॉडल पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को बेहद पसंद आया। उन्होंने पांच मॉडल तैयार करने को कहा। चारधाम के मॉडल की मांग दिल्ली के सेंटर कॉटेज एंपोरियम ने भी की। यह मॉडल इतना सराहा गया कि 15 देशों से इसकी मांग आई।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के साथ 22 अगस्त को अनिल कुमार और उनके साथी मुकेश कोहली राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे। महाराज ने उन्हें चारधाम का मॉडल पेश किया। राष्ट्रपति ने इसे नायाब कलाकृति करार देते हुए अनिल को शाबासी दी। अनिल ने बताया कि चारधाम का मॉडल पांच गुणा चार फीट लंबा, चौड़ा और 30 इंच ऊंचाई का है। एक मॉडल तैयार करने में करीब तीन माह का समय लगता है। राष्ट्रपति की सराहना के मिलने से अनिल और उनकी टीम के हौसले बुलंद हैं।
विज्ञापन
अनिल ने खुद नहीं देखे हैं चारधाम
पिथौरागढ़। शिल्पी अनिल कुमार ने बताया कि उन्होंने अभी तक उत्तराखंड के चार धामों में से कोई भी धाम नहीं देखा है। चारधामों के चित्र देखकर ही उन्होंने एक साथ चारधाम का मॉडल तैयार किया है। अनिल ने बताया कि धार्मिक स्थलों की कलाकृति बनाने की प्रेरणा उन्हें अपने दादा स्व. गंभीर राम से मिली। वे अपने समय के अच्छे लकड़ी के नक्काशीकार थे। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों के मॉडल बनाकर पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा मिल सकता है।
विज्ञापन
अनिल कुमार (37) पुत्र होशियार राम पिछले 15 वर्षों से आठ युवाओं की टीम के साथ नारायण आश्रम, थलकेदार, मोस्टामानू मंदिर की कलाकृति बना रहे हैं। उन्होंने कुछ समय पूर्व साल, शीशम, तुन, चीड़ और देवदार की लकड़ी से बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर की कलाकृति (चारधाम मॉडल) बनाई। यह मॉडल पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को बेहद पसंद आया। उन्होंने पांच मॉडल तैयार करने को कहा। चारधाम के मॉडल की मांग दिल्ली के सेंटर कॉटेज एंपोरियम ने भी की। यह मॉडल इतना सराहा गया कि 15 देशों से इसकी मांग आई।
विज्ञापन
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के साथ 22 अगस्त को अनिल कुमार और उनके साथी मुकेश कोहली राष्ट्रपति से मिलने पहुंचे। महाराज ने उन्हें चारधाम का मॉडल पेश किया। राष्ट्रपति ने इसे नायाब कलाकृति करार देते हुए अनिल को शाबासी दी। अनिल ने बताया कि चारधाम का मॉडल पांच गुणा चार फीट लंबा, चौड़ा और 30 इंच ऊंचाई का है। एक मॉडल तैयार करने में करीब तीन माह का समय लगता है। राष्ट्रपति की सराहना के मिलने से अनिल और उनकी टीम के हौसले बुलंद हैं।
विज्ञापन
अनिल ने खुद नहीं देखे हैं चारधाम
पिथौरागढ़। शिल्पी अनिल कुमार ने बताया कि उन्होंने अभी तक उत्तराखंड के चार धामों में से कोई भी धाम नहीं देखा है। चारधामों के चित्र देखकर ही उन्होंने एक साथ चारधाम का मॉडल तैयार किया है। अनिल ने बताया कि धार्मिक स्थलों की कलाकृति बनाने की प्रेरणा उन्हें अपने दादा स्व. गंभीर राम से मिली। वे अपने समय के अच्छे लकड़ी के नक्काशीकार थे। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों के मॉडल बनाकर पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा मिल सकता है।