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Pithoragarh News: शीतल ने फतह किया माउंट यूटी कांगड़ी
Thu, 01 Feb 2024 10:53 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 01 Feb 2024 10:53 PM IST
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शीतल ने 6070 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माउंटयूटी कांगड़ी का सफल आरोहण किया है। स्रोत: स्वंय
पिथौरागढ़। सल्मोड़ा निवासी शीतल ने 6070 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माउंट यूटी कांगड़ी का सफल आरोहण किया है। शीतल ने दो साल बाद पर्वतारोहण शुरू किया है।
शीतल का कहना है कि लीगामेंट ऑपरेशन के बाद ऐसा लगा जैसे सब कुछ खत्म हो गया, लेकिन 12वीं फेल फिल्म देखने के बाद मुझमें दोबारा काम शुरू करने का जज्बा आ गया और मैंने दोबारा शुरुआत से शुरू कर दी और आरोहण को सफलतापूर्वक पूरा करने में सफल रही। इस आरोहण को सफल बनाने के लिए हंस फाउंडेशन ने काफी सहयोग किया है। शीतल का कहना है कि दुनिया में 8000 मीटर के 14 पर्वत हैं। इसमें भारतीय नौ पर्वतों में आरोहण कर सकते हैं। शेष पर्वत पाकिस्तान में हैं। उन्होंने तीन पहाड़ों का सफल आरोहण किया है। अब शीतल का 8000 मीटर के छह पहाड़ों पर आरोहण करने का सपना है। इस वर्ष माउंट धोलागिरी और चीन स्थित माउंट चोयू का आरोहण भी करेंगी। बता दें कि शीतल वर्तमान में उत्तराखंड पर्यटन विभाग में कांट्रेक्ट बेस में तैनात हैं। वह दुनिया की सबसे ऊंची एवरेस्ट का भी आरोहण कर चुकी हैं।
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12वीं फेल सिनेमा से मिली प्रेरणा
पिथौरागढ़। शीतल ने पूर्व में भी काफी उपलब्धियां हासिल की हैं। साहसिक खेल का सबसे बड़ा पुरस्कार तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवार्ड भी शीतल को मिल चुका है। शीतल दुनिया की सबसे कम उम्र में सफलतापूर्वक माउंट कंचनजंघा, ऐवरेस्ट, अन्नपूर्णा और आदि कैलाश रेंज स्थित माउंट चीपीदंग फतह कर चुकी हैं। शीतल ने खेलों इंडिया नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है। स्कीइंग के दौरान उन्हें घुटने में गहरी चोट आई और ऑपरेशन करना पड़ा। पूरे दो साल बाद फिर शीतल ने आरोहण शुरू किया है। शीतल का कहना है कि उन्हें 12वीं फिल्म से प्रेरणा मिली। संवाद
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शीतल का कहना है कि लीगामेंट ऑपरेशन के बाद ऐसा लगा जैसे सब कुछ खत्म हो गया, लेकिन 12वीं फेल फिल्म देखने के बाद मुझमें दोबारा काम शुरू करने का जज्बा आ गया और मैंने दोबारा शुरुआत से शुरू कर दी और आरोहण को सफलतापूर्वक पूरा करने में सफल रही। इस आरोहण को सफल बनाने के लिए हंस फाउंडेशन ने काफी सहयोग किया है। शीतल का कहना है कि दुनिया में 8000 मीटर के 14 पर्वत हैं। इसमें भारतीय नौ पर्वतों में आरोहण कर सकते हैं। शेष पर्वत पाकिस्तान में हैं। उन्होंने तीन पहाड़ों का सफल आरोहण किया है। अब शीतल का 8000 मीटर के छह पहाड़ों पर आरोहण करने का सपना है। इस वर्ष माउंट धोलागिरी और चीन स्थित माउंट चोयू का आरोहण भी करेंगी। बता दें कि शीतल वर्तमान में उत्तराखंड पर्यटन विभाग में कांट्रेक्ट बेस में तैनात हैं। वह दुनिया की सबसे ऊंची एवरेस्ट का भी आरोहण कर चुकी हैं।
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12वीं फेल सिनेमा से मिली प्रेरणा
पिथौरागढ़। शीतल ने पूर्व में भी काफी उपलब्धियां हासिल की हैं। साहसिक खेल का सबसे बड़ा पुरस्कार तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवार्ड भी शीतल को मिल चुका है। शीतल दुनिया की सबसे कम उम्र में सफलतापूर्वक माउंट कंचनजंघा, ऐवरेस्ट, अन्नपूर्णा और आदि कैलाश रेंज स्थित माउंट चीपीदंग फतह कर चुकी हैं। शीतल ने खेलों इंडिया नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है। स्कीइंग के दौरान उन्हें घुटने में गहरी चोट आई और ऑपरेशन करना पड़ा। पूरे दो साल बाद फिर शीतल ने आरोहण शुरू किया है। शीतल का कहना है कि उन्हें 12वीं फिल्म से प्रेरणा मिली। संवाद
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