थल (पिथौरागढ़)। जोहार की संस्कृति के प्रचार, प्रसार और जोहार की आने वाली नई पीढ़ी को अपनी बोली भाषा और संस्कृति से जोड़ने के लिए 23 अप्रैल को शौका दिवस मनाया जाएगा।
जोहार शौका संस्कृति प्रतियोगिता के संयोजक अयोध्या में भारतीय जीवन बीमा निगम के वरिष्ठ प्रबंधक चंद्र सिंह दास्पा ने बताया कि शौका दिवस के लिए छोटे बच्चों की प्रतियोगिता रखी गई है, जिसमें प्रतिभागी बच्चे अपनी बोली में दो मिनट की वीडियो क्लिप बनाकर भेजेंगे। इसमें उन्हें अपने नाम के साथ माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी, अपने मूल गांव का नाम अपनी शौका भाषा में बोलेंगे। जोहार के उत्थान में उल्लेखनीय योगदान करने वाले इन छह महान विभूतियों सुनपति शौका, महान सर्वेयर पंडित नैन सिंह रावत, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हर सिंह जंगपांगी, दीवान सिंह टोलिया (टुल्ली सैप), खुशाल सिंह मर्तोलिया (मुर्तुल्ली सैप), भागीरथी पांगती (भाग दी) के किरदारों की भी जानकारी देनी है। इसके लिए भूपाल सिंह लस्पाल, लक्ष्मण सिंह पांगती और मंजू पांगती को निर्णायक मंडल का सदस्य नामित किया गया है। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पाने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।