फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   government hospital pithoragarh: Milk is getting hot on candle flame

सीमांत जिले पिथौरागढ़ के सबसे बड़े महिला अस्पताल में मोमबत्ती की लौ पर गर्म हो रहा दूध

Wed, 19 Jan 2022 09:58 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Published by: हल्द्वानी ब्यूरो Updated Wed, 19 Jan 2022 09:58 AM IST
सार

पिथौरागढ़ जिला महिला अस्पताल में भारत ही नहीं बल्कि नेपाल से बड़ी संख्या में रोगी आते हैं। प्रतिदिन करीब चार से पांच सामान्य और दो से तीन सिजेरियन प्रसव होते हैं।

विज्ञापन
government hospital pithoragarh: Milk is getting hot on candle flame
जिला महिला अस्पताल पिथौरागढ़ में मोमबत्ती में दूध गर्म कर गर्भवती महिलाएं नवजात बच्चों को दूध प? - फोटो : PITHORAGARH

विस्तार

सीमांत जिले पिथौरागढ़ के सबसे बड़े महिला अस्पताल में भर्ती प्रसूताएं मोमबत्ती की लौ पर दूध गर्म कर नवजात बच्चों को पिलाने के लिए मजबूर हैं। इसके बाद भी आज तक शासन-प्रशासन को सीमांत की महिलाओं का दर्द नहीं दिखा। लोगों का कहना है कि प्रत्येक वार्ड में नवजात बच्चों के लिए दूध गर्म करने के लिए कम से कम एक हीटर की व्यवस्था तो होनी चाहिए, जिससे वार्ड में भर्ती गर्भवती महिलाओं और तीमारदारों को राहत मिल सके।

विज्ञापन


पिथौरागढ़ जिला महिला अस्पताल में भारत ही नहीं बल्कि नेपाल से बड़ी संख्या में रोगी आते हैं। प्रतिदिन करीब चार से पांच सामान्य और दो से तीन सिजेरियन प्रसव होते हैं। सामान्य प्रसव वालीं महिलाओं को तो एक या दो दिन में घर भेज दिया जाता है लेकिन सिजेरियन प्रसव वाली महिलाओं को एक सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती किया जाता है। ऐसे में सिजेरियन महिला के भर्ती रहने के दौरान नवजात बच्चे की देखरेख तीमारदार करते हैं।
विज्ञापन


कुछ मामलों में नवजात बच्चे मां का दूध नहीं पीते हैं। ऐसे शिशुओं को तीमारदार चम्मच या रुई के फाहे से गाय का दूध पिलाते हैं। जाड़ों में दूध ठंडा हो जाता है। जिला महिला अस्पताल के किसी भी वार्ड में नवजात बच्चों के लिए दूध गर्म करने की व्यवस्था नहीं है। बच्चे को भूख लगने पर तीमारदार या महिलाएं मोमबत्ती के सहारे दूध गर्म कर बच्चों को दूध पिलाती हैं। ऐसे में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


महिला अस्पताल के पास में कैैंटीन के भी नहीं होने से उन्हें मोमबत्ती जलाकर ही दूध गर्म करना पड़ता है। रात में इस तरह की परेशानियां अधिक उठानी पड़ती हैं। इसके बाद भी सीमांत की महिलाओं का दर्द आज तक किसी को नहीं दिखा है। लोगों का कहना है कि कम से कम नवजात बच्चों के लिए दूध गर्म करने के लिए प्रत्येक वार्ड में हीटर या इलैक्ट्रिक कैटल की व्यवस्था होनी चाहिए।


अल्ट्रासाउंड बंद होने से परेशान हैं महिलाएं
पिथौरागढ़ महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड बंद होने से महिलाएं परेशान हैं। पहले महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए पिथौरागढ़ महिला अस्पताल आना पड़ता है। यहां आपातकाल में पांच से सात महिलाओं की अल्ट्रासाउंड के लिए जिला अस्पताल भेजा जाता है। इसके बाद यहां महिलाओं के अल्ट्रासाउंड होते हैं। महिलाओं को समय पहले महिला फिर जिला अस्पताल में आने जाने में ही बीत जाता है।

मोमबत्ती के सहारे दूध करने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। शीघ्र ही महिला अस्पताल में नवजात बच्चों के दूध गर्म करने के लिए व्यवस्था की जाएगी।
- डॉ. केसी भट्ट, पीएमएस जिला अस्पताल पिथौरागढ़

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed