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नहर बंद होने से सिंचाई सुविधा से वंचित सात गांव
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मलबे से पटी क्वीतड़ की सिंचाई नहर। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। जिले के क्वीतड़ गांव की सिंचाई नहर पिछले दस सालों से बंद पड़ी है। नहर के बंद होने से सात गांवों के किसान सिंचाई सुविधा से वंचित हैं। क्षेत्रवासियों ने शीघ्र नहर का मलबा हटाकर पानी सुचारु करने की मांग की है।
क्वीतड़ गांव निवासी नर सिंह ने बताया कि इस नहर का निर्माण वर्ष 1963-64 में हुआ था। वर्ष 2011-12 में ग्रामीण क्षेत्र के लिए सड़कों की कटिंग के दौरान मलबा आने से यह नहर बंद पड़ी है। क्वीतड़-हल्दू, चैंतोली-सिलोनी और सिलोनी-क्वीगांव के लिए बनी सड़कों के मलबे से नहर जगह-जगह पर बंद है। उनका कहना है कि कई बार लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के समक्ष मामला रखने के बाद भी अभी तक मलबा हटाकर नहर को नहीं सुधारा गया है।
सड़क निर्माण में जुटे विभाग के अधिकारी सड़क निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद नगर की मरम्मत करने का आश्वासन देते हैं। नहर बंद होने से क्वीगांव, मझेड़ा, गुरुमतोली, जमतड़ी, सिमायत, पटखानी, बमबाटा सहित आसपास के अन्य गांवों के किसानों को सिंचाई सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। इससे फसलों और सब्जियों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से बंद पड़ी नहर को खोलने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित करने की मांग की है।
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क्वीतड़ गांव निवासी नर सिंह ने बताया कि इस नहर का निर्माण वर्ष 1963-64 में हुआ था। वर्ष 2011-12 में ग्रामीण क्षेत्र के लिए सड़कों की कटिंग के दौरान मलबा आने से यह नहर बंद पड़ी है। क्वीतड़-हल्दू, चैंतोली-सिलोनी और सिलोनी-क्वीगांव के लिए बनी सड़कों के मलबे से नहर जगह-जगह पर बंद है। उनका कहना है कि कई बार लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के समक्ष मामला रखने के बाद भी अभी तक मलबा हटाकर नहर को नहीं सुधारा गया है।
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सड़क निर्माण में जुटे विभाग के अधिकारी सड़क निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद नगर की मरम्मत करने का आश्वासन देते हैं। नहर बंद होने से क्वीगांव, मझेड़ा, गुरुमतोली, जमतड़ी, सिमायत, पटखानी, बमबाटा सहित आसपास के अन्य गांवों के किसानों को सिंचाई सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। इससे फसलों और सब्जियों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से बंद पड़ी नहर को खोलने के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित करने की मांग की है।
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