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कोरोना के कारण अटका पिथौरागढ़ और लोहाघाट बायपास का दूसरा सर्वे
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पिथौरागढ़। टनकपुर-पिथौरागढ़ बारहमासी सड़क पर बनने वाले पिथौरागढ़ और लोहाघाट बाईपास निर्माण में कोरोना का असर पड़ा है। कुछ समय पूर्व उच्च स्तरीय कमेटी (एचपीसी) ने पर्यावरण नुकसान न हो इसके लिए दोनों बाईपासों का दोबारा सर्वे कर पर्यावरण नुकसान की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के कारण कंसलटेंट दोबारा सर्वे नहीं कर पाया है। जिस कारण बाईपास निर्माण की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है।
टनकपुर- पिथौरागढ़ बारहमासी सड़क पर एंचोली से जाजरदेवल 17.26 किमी लंबा बाईपास और लोहाघाट- पुल्ला 9.91 किमी लंबा बाईपास प्रस्तावित है। बाईपास के निर्माण को लेकर एनएच की एनसी कंसलटेंट ने पूर्व में एक सर्वे पूरा कर दिया था। इसमें 9.91 किमी के लोहाघाट बाईपास में 4120 पेड़ और पिथौरागढ़ में प्रस्तावित 17.30 किमी के बाईपास पर 4300 पेड़ में आ रहे हैं। इन पेड़ों में काफी संख्या बांज और देवदार के पेड़ थे। पर्यावरण नुकसान को देखते हुए उच्च स्तरीय कमेटी ने बाईपास की चौड़ाई घटाकर दोबारा सर्वे करने के निर्देश दिए थे। ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। कोरोना के कहर के कारण कंसलटेंट दोबारा सर्वे नहीं हो पाया है। इसलिए बाईपास निर्माण की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है।
कोरोना के मामले कम होने के बाद होगा सर्वे
पिथौरागढ़। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए बाईपास निर्माण के लिए दोबारा सर्वे नहीं हो पाया है। कोरोना के मामले कम होने के बाद कंसलटेंट दोबारा सर्वे करेगा। इसके बाद ही बाईपास निर्माण को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।(संवाद)
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इनसेट कोट-
पिथौरागढ़- एंचोली और लोहाघाट- पुल्ला दो बाईपास प्रस्तावित हैं। पहले सर्वे में करीब 8400 पेड़ कट रहे थे। उच्च स्तरीय कमेटी ने पर्यावरण को नुकसान न हो इसके लिए बाईपास की चौड़ाई घटाकर दोबारा सर्वे करने के निर्देश दिए थे। कोरोना के कारण सर्वे नहीं हो पाया है। कोरोना के मामले कम होने के बाद सर्वे कर रिपोर्ट कमेटी को सौंपी जाएगी।
एलडी मथेला, ईई एनएच निर्माण खंड लोहाघाट
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टनकपुर- पिथौरागढ़ बारहमासी सड़क पर एंचोली से जाजरदेवल 17.26 किमी लंबा बाईपास और लोहाघाट- पुल्ला 9.91 किमी लंबा बाईपास प्रस्तावित है। बाईपास के निर्माण को लेकर एनएच की एनसी कंसलटेंट ने पूर्व में एक सर्वे पूरा कर दिया था। इसमें 9.91 किमी के लोहाघाट बाईपास में 4120 पेड़ और पिथौरागढ़ में प्रस्तावित 17.30 किमी के बाईपास पर 4300 पेड़ में आ रहे हैं। इन पेड़ों में काफी संख्या बांज और देवदार के पेड़ थे। पर्यावरण नुकसान को देखते हुए उच्च स्तरीय कमेटी ने बाईपास की चौड़ाई घटाकर दोबारा सर्वे करने के निर्देश दिए थे। ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। कोरोना के कहर के कारण कंसलटेंट दोबारा सर्वे नहीं हो पाया है। इसलिए बाईपास निर्माण की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है।
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कोरोना के मामले कम होने के बाद होगा सर्वे
पिथौरागढ़। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों को देखते हुए बाईपास निर्माण के लिए दोबारा सर्वे नहीं हो पाया है। कोरोना के मामले कम होने के बाद कंसलटेंट दोबारा सर्वे करेगा। इसके बाद ही बाईपास निर्माण को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।(संवाद)
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इनसेट कोट-
पिथौरागढ़- एंचोली और लोहाघाट- पुल्ला दो बाईपास प्रस्तावित हैं। पहले सर्वे में करीब 8400 पेड़ कट रहे थे। उच्च स्तरीय कमेटी ने पर्यावरण को नुकसान न हो इसके लिए बाईपास की चौड़ाई घटाकर दोबारा सर्वे करने के निर्देश दिए थे। कोरोना के कारण सर्वे नहीं हो पाया है। कोरोना के मामले कम होने के बाद सर्वे कर रिपोर्ट कमेटी को सौंपी जाएगी।
एलडी मथेला, ईई एनएच निर्माण खंड लोहाघाट