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मुआवजा मांगने एसडीएम कार्यालय पहुंचे ग्रामीण
Tue, 18 Dec 2018 10:33 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Tue, 18 Dec 2018 10:33 PM IST
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ग्रामीणों के साथ वार्ता करते एसडीएम और बीआरओ अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान टूटे मकानों और जमीन का मुआवजा देने की मांग को लेकर काफी संख्या में ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों के दबाव को देखते हुए प्रशासन ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर 25 दिसंबर के बाद मुआवजा बांटने का निर्णय लिया।
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सरमोली, शंखधुरा, जैंती और दरकोट के ग्रामीण मंगलवार को एसडीएम कार्यालय पहुंचे और मुआवजे की मांग करने लगे। ग्रामीणों का आरोप था कि बीआरओ द्वारा बगैर मुआवजा दिए मार्ग चौड़ीकरण किया जा रहा है। इसमें कई लोगों के मकान टूट गए हैं और कई के टूटने की जद में हैं। एसडीएम केएन गोस्वामी के नेतृत्व में बीआरओ के सीओ लल्लन कुमार ने ग्रामीणों के साथ बैठक की। बीआरओ का कहना था कि जमीन का मुआवजा तहसील को दे दिया गया है। यदि जरूरत पड़ी तो और धनराशि मुहैया कराई जाएगी।
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इस दौरान निर्णय हुआ कि 25 दिसंबर तक सभी के सुझाव और आपत्तियां ली जाएंगी। इसके बाद आकलन और सर्वे कर मुआवजा बांटा जाएगा। बैठक में तहसीलदार ललित मोहन तिवारी, कमल उपाध्याय, नरेंद्र कोरंगा, करन सिंह रावत, धाम सिंह, भागीरथी देवी, कुंदन सिंह, हरीश राम, सुरेश गिरि, दिनेश आदि थे।
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