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डेढ़ किमी दूर से पानी ढो रहे स्कूली बच्चे
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Thu, 11 May 2017 10:23 PM IST
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पेयजल संकट
- फोटो : amar ujala
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विकासखंड कनालीछीना के अंतर्गत ग्राम पंचायत न्वाली में पेयजल संकट गहरा गया है। स्थिति यह है कि यहां स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन और अपने पीने के लिए डेढ़ किलोमीटर दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। गांव के 80 परिवार भी पूरे दिन सिर्फ पानी की व्यवस्था करने में जुटे रहते हैं। यह मामला लेकर बृहस्पतिवार को ग्राम प्रधान एवं गांव के अन्य लोग जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे।
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ग्राम प्रधान लीला जोशी ने बताया कि न्वाली गांव के लिए 1982 में भौनियाउडार नामक स्रोत से 13 किलोमीटर लंबी पेयजल योजना बनाई गई थी, लेकिन यह योजना अब कई जगह टूट गई है। इस कारण गांव में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। योजना से गांव के प्राथमिक स्कूल और जूनियर हाइस्कूल को भी पानी दिया जाता है। प्राथमिक स्कूल में 65 और जूनियर हाइस्कूल में 52 बच्चे पढ़ते हैं। इन बच्चों के सामने पिछले एक महीने से मध्यान्ह भोजन तैयार करने की समस्या पैदा हो गई है। बच्चे डेढ़ किलोमीटर दूर से पानी ढो रहे हैं। प्रधान ने बताया कि गांव के लिए एकमात्र पेयजल लाइन है। स्रोतों और आसपास के गधेरों का पानी भी सूख गया है।
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बताया गया कि यह पेयजल योजना ग्राम पंचायत के अधीन की गई है। ग्राम पंचायत के पास 13 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन की मरम्मत के लिए पैसा नहीं है। प्रधान ने डीएम से मांग की कि इस योजना की मरम्मत के लिए जल संस्थान को आदेश जारी किए जाएं और पेयजल संकट शीघ्र दूर किया जाए। उनका कहना है कि पेयजल योजना के पुनर्गठन की जरूरत है। प्रधान ने कहा कि कम से कम स्कूली बच्चों की समस्या को देखते हुए तो इस योजना की मरम्मत की जाए।
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