{"_id":"61c0cbcc07662310d712f29f","slug":"salary-of-assistant-development-officer-stopped-pithoragarh-news-hld448273495","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहायक विकास अधिकारी का वेतन रोका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहायक विकास अधिकारी का वेतन रोका
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना की समीक्षा के दौरान लक्ष्य के अनुसार कम आवेदन और ऋण स्वीकृत होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने उद्योग विभाग के सहायक विकास अधिकारी और संबंधित पटल सहायक का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जिन बैंकों में अधिक आवेदन लंबित हैं उनके जिम्मेदार अधिकारियों का वेतन रोकने के लिए संबंधित बैंकों के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजने के लिए कहा है।
सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने पाया कि मुख्य मंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 850 लक्ष्य के सापेक्ष 223 आवेदन ही ही स्वीकृत मिले। इनमें से 169 आवेदनों में ही बैंकों ने ऋण स्वीकृत किया था। इस पर नाराजगी जताते हुए जिला महाप्रबंधक उद्योग केंद्र के सहायक विकास अधिकारी और संबंधित पटल सहायक का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही भारतीय स्टेट बैंक, उत्तरांचल ग्रामीण बैंक तथा सहकारी बैंकों की जिन शाखाओं में अधिक संख्या में आवेदन लंबित हैं, उन बैंकों के नियंत्रक और उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर जिम्मेदार बैंक अधिकारी का भी वेतन रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एक महत्वपूर्ण योजना है जो सीधे स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ती है। इसमें किसी भी विभाग या बैंक की ओर से लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जो भी आवेदन योजना के अंतर्गत प्राप्त होते हैं उनका प्राथमिकता से निस्तारण करते हुए बैंक से ऋण स्वीकृत कराने के लिए कहा। डीएम ने जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक को एक हफ्ते के भीतर योजना में शत प्रतिशत प्रगति लाने के लिए सभी बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित आवेदनों को निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रगति नहीं मिलने पर महाप्रबंधक का भी वेतन रोक दिया जाएगा। बैठक में जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में भारतीय स्टेट में 123 आवेदन, उत्तरांचल ग्रामीण बैंक में 148, जिला सहकारी बैंक में 117 आवेदन लंबित है।
विज्ञापन
डीएम ने बैंकों के प्रबंधकों और जिला लीड बैंक प्रबंधक को लंबित आवेदनों को शीघ्र निस्तारित करते हुए ऋण स्वीकृत करने के निर्देश दिए। डीएम ने 15 के लक्ष्य के सापेक्ष एक आवेदन पर ऋण स्वीकृत करने पर नाराजगी जताते हुए परियोजना अधिकारी उरेडा को शेष आवेदनों की स्वीकृति के लिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। बैठक में महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र कविता भगत जिला लीड बैंक प्रबंधक अमर सिंह ग्वाल, परियोजना अधिकारी उरेडा एमएस रावत समेत विभिन्न बैंकों के प्रबंधक तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने पाया कि मुख्य मंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 850 लक्ष्य के सापेक्ष 223 आवेदन ही ही स्वीकृत मिले। इनमें से 169 आवेदनों में ही बैंकों ने ऋण स्वीकृत किया था। इस पर नाराजगी जताते हुए जिला महाप्रबंधक उद्योग केंद्र के सहायक विकास अधिकारी और संबंधित पटल सहायक का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही भारतीय स्टेट बैंक, उत्तरांचल ग्रामीण बैंक तथा सहकारी बैंकों की जिन शाखाओं में अधिक संख्या में आवेदन लंबित हैं, उन बैंकों के नियंत्रक और उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर जिम्मेदार बैंक अधिकारी का भी वेतन रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एक महत्वपूर्ण योजना है जो सीधे स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ती है। इसमें किसी भी विभाग या बैंक की ओर से लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि जो भी आवेदन योजना के अंतर्गत प्राप्त होते हैं उनका प्राथमिकता से निस्तारण करते हुए बैंक से ऋण स्वीकृत कराने के लिए कहा। डीएम ने जिला उद्योग केंद्र महाप्रबंधक को एक हफ्ते के भीतर योजना में शत प्रतिशत प्रगति लाने के लिए सभी बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित आवेदनों को निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रगति नहीं मिलने पर महाप्रबंधक का भी वेतन रोक दिया जाएगा। बैठक में जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में भारतीय स्टेट में 123 आवेदन, उत्तरांचल ग्रामीण बैंक में 148, जिला सहकारी बैंक में 117 आवेदन लंबित है।
विज्ञापन
डीएम ने बैंकों के प्रबंधकों और जिला लीड बैंक प्रबंधक को लंबित आवेदनों को शीघ्र निस्तारित करते हुए ऋण स्वीकृत करने के निर्देश दिए। डीएम ने 15 के लक्ष्य के सापेक्ष एक आवेदन पर ऋण स्वीकृत करने पर नाराजगी जताते हुए परियोजना अधिकारी उरेडा को शेष आवेदनों की स्वीकृति के लिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। बैठक में महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र कविता भगत जिला लीड बैंक प्रबंधक अमर सिंह ग्वाल, परियोजना अधिकारी उरेडा एमएस रावत समेत विभिन्न बैंकों के प्रबंधक तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।