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रात के समय घरों को छोड़ रहे ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Mon, 08 Aug 2016 10:34 PM IST
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एक जुलाई को आई आपदा के बाद से लोगों के मन में इस कदर खौफ बना हुआ है कि वह रात के समय अपने घरों में नहीं रहते।
उड़मा, पत्थरकोट, जेठीगांव के लोग शाम होते ही सिंघाली बाजार में आ जाते हैं और सुबह होते ही अपने घरों को लौटते हैं। इन गांवों के पास स्थित बस्तड़ी गांव में 30 जून की रात आई आपदा के बाद उससे सटे गांवों के लोग भारी दहशत में हैं। विधायक विशन सिंह चुफाल ने ग्रामीण इलाकों का दौरा करने के बाद सोमवार को जिलाधिकारी को यह जानकारी दी। विधायक ने कहा कि प्रशासन को अन्य प्रभावित गांवों में भी सुरक्षा के उपाय करने चाहिए।
विधायक ने बताया कि एक जुलाई से जौलजीबी से बगड़ीहाट, डौड़ा, रणुवा जाने वाली सड़क बंद है। अब तक इस सड़क को खोलने का प्रयास नहीं किया गया है। लोगों को जरूरी सामान मजदूरों के माध्यम से ले जाना पड़ रहा है। अमतड़ी से रणुवा के बीच जो पैदल रास्ता है वह इतना संकरा है कि उसमें किसी भी समय हादसा हो सकता है। रास्ते के एक तरफ खड़ी चट्टान है तो दूसरी तरफ महाकाली बहती है। पैदल रास्ते की मरम्मत न होने से लोगों की समस्या और बढ़ रही है।
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उड़मा, पत्थरकोट, जेठीगांव के लोग शाम होते ही सिंघाली बाजार में आ जाते हैं और सुबह होते ही अपने घरों को लौटते हैं। इन गांवों के पास स्थित बस्तड़ी गांव में 30 जून की रात आई आपदा के बाद उससे सटे गांवों के लोग भारी दहशत में हैं। विधायक विशन सिंह चुफाल ने ग्रामीण इलाकों का दौरा करने के बाद सोमवार को जिलाधिकारी को यह जानकारी दी। विधायक ने कहा कि प्रशासन को अन्य प्रभावित गांवों में भी सुरक्षा के उपाय करने चाहिए।
विधायक ने बताया कि एक जुलाई से जौलजीबी से बगड़ीहाट, डौड़ा, रणुवा जाने वाली सड़क बंद है। अब तक इस सड़क को खोलने का प्रयास नहीं किया गया है। लोगों को जरूरी सामान मजदूरों के माध्यम से ले जाना पड़ रहा है। अमतड़ी से रणुवा के बीच जो पैदल रास्ता है वह इतना संकरा है कि उसमें किसी भी समय हादसा हो सकता है। रास्ते के एक तरफ खड़ी चट्टान है तो दूसरी तरफ महाकाली बहती है। पैदल रास्ते की मरम्मत न होने से लोगों की समस्या और बढ़ रही है।
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