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भारत की ओर मोड़ा महाकाली नदी का रुख
Thu, 06 Jun 2019 11:09 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो झूलाघाट(पिथौरागढ़)।
अमर उजाला ब्यूरो झूलाघाट(पिथौरागढ़)।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Thu, 06 Jun 2019 11:09 PM IST
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नेपाल के नलतड़ी के पास महाकाली नदी में लगी पोकलेंड।
- फोटो : अमर उजाला
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भारत-नेपाल सीमा को विभाजित करने वाली महाकाली नदी का रुख भारतीय क्षेत्र की और मोड़ने के लिए नेपाल ने पोकलैंड मशीनें नदी में लगाई हैं। इससे नदी तट पर बसे भारतीय क्षेत्र के ग्रामीणों में खलबली मची है। ग्रामीणों को आशंका है कि बरसात शुरू होते ही महाकाली अपने उग्र स्वभाव के अनुरूप भारतीय गांवों में तबाही ला सकती है। सीमा पर बसे कानड़ी गांव के लोगों ने प्रशासन को जानकारी देते हुए अविलंब नेपाल सरकार से वार्ता करते हुए ठोस कदम उठाए जाने की मांग की है।
पिथौरागढ़ जिले में नेपाल सीमा का विभाजन महाकाली नदी करती है। बृहस्पतिवार सुबह से नेपाल के बैतड़ी प्रशासन ने नदी का रुख भारत की ओर मोड़ने के लिए दो जेसीबी मशीनें नदी में लगाई हैं। अगले कुछ दिनों में बरसात का सीजन शुरु हो जाएगा। नदी का रुख भारत की ओर होने सीमा पर बसे गांवों को गंभीर खतरा हो गया है। नेपाल की ओर से शीघ्र ही नदी के रुख को मोड़ने का कार्य नहीं रोका गया तो भारतीय क्षेत्र के सीमा पर बसे कानड़ी, सीमू, बलतड़ी, तड़ीगांव आदि गांवों में बरसात के दौरान भारी तबाही हो सकती है। तीन वर्ष पहले भी नेपाल ने कानड़ी के सामने नलतड़ी गांव के पास 30 मीटर लंबी मीटर ऊंची दीवार लगा दी थी। तब हुई बारिश से भारतीय क्षेत्र की काफी उपजाऊ भूमि बह गई थी। बृहस्पतिवार सुबह से ही नेपाल की ओर से मशीनें लगने से कानड़ी गांव के लोग भयभीत है। ग्रामीणों ने विधायक विशन सिंह चुफाल को मामले की जानकारी दी है। व्यापार संघ अध्यक्ष संजीव जोशी ने मामले की जानकारी जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे को दे दी है। डीएम के वीडियो कांफ्रेंसिंग में व्यस्त होने के प्रशासन की ओर से इस मामले में शीघ्र सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिलाया है।
पिथौरागढ़ जिले में नेपाल सीमा का विभाजन महाकाली नदी करती है। बृहस्पतिवार सुबह से नेपाल के बैतड़ी प्रशासन ने नदी का रुख भारत की ओर मोड़ने के लिए दो जेसीबी मशीनें नदी में लगाई हैं। अगले कुछ दिनों में बरसात का सीजन शुरु हो जाएगा। नदी का रुख भारत की ओर होने सीमा पर बसे गांवों को गंभीर खतरा हो गया है। नेपाल की ओर से शीघ्र ही नदी के रुख को मोड़ने का कार्य नहीं रोका गया तो भारतीय क्षेत्र के सीमा पर बसे कानड़ी, सीमू, बलतड़ी, तड़ीगांव आदि गांवों में बरसात के दौरान भारी तबाही हो सकती है। तीन वर्ष पहले भी नेपाल ने कानड़ी के सामने नलतड़ी गांव के पास 30 मीटर लंबी मीटर ऊंची दीवार लगा दी थी। तब हुई बारिश से भारतीय क्षेत्र की काफी उपजाऊ भूमि बह गई थी। बृहस्पतिवार सुबह से ही नेपाल की ओर से मशीनें लगने से कानड़ी गांव के लोग भयभीत है। ग्रामीणों ने विधायक विशन सिंह चुफाल को मामले की जानकारी दी है। व्यापार संघ अध्यक्ष संजीव जोशी ने मामले की जानकारी जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे को दे दी है। डीएम के वीडियो कांफ्रेंसिंग में व्यस्त होने के प्रशासन की ओर से इस मामले में शीघ्र सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिलाया है।
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