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रोड कटिंग के बाद हुए भूकटाव से खेत बर्बाद
ब्यूरो/अमर उजाला, थल
Updated Wed, 03 Oct 2018 10:35 PM IST
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थल में रोखड़ हो चुकी जमीन के ऊपर खड़े होकर प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
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सड़क कटिंग के बाद शुरू हुए भूकटाव से मालाझूला गांव के लोगों की जमीन बर्बाद हो रही है। अब तक ग्रामीणों की 200 नाली खेती की जमीन ध्वस्त हो चुकी है। मांग करने के बाद भी सुरक्षा दीवार नहीं बनाने से नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।
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कहा कि तुरगोली-सानदेव मार्ग 2012 में पीएमजीएसवाई ने बनाई थी। मालाझूला के पास रोड कटिंग के दौरान सुरक्षा दीवार नहीं लगाने से बरसात के दिनों में लगातार भूकटाव हुआ, इससे अब तक ग्रामीणों की सैकड़ों नाली भूमि जमींदोज हो गई। आरोप लगाया कि विभाग को कई बार ग्रामप्रधान नंदन सिंह चौहान ने लिखित सूचना दी। इसके बावजूद भूकटाव रोकने के लिए सड़क किनारे सुरक्षा दीवार नहीं लगाई गई है। लगातार भू-कटाव से खेत अब रोखड़ में बदल चुके हैं।
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ग्रामीणों ने बुधवार को भूकटाव से ध्वस्त जमीन पर प्रदर्शन किया। प्रधान नंदन सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदर्शन करने वालों में कमला देवी, पुष्पा देवी, दीपा देवी, मोतिमा चौहान, लक्ष्मी देवी, पार्वती देवी, तनूजा चौहान, लाल सिंह, हयात सिंह, चंद्र सिंह, खड़क सिंह, मनोज सिंह, प्रताप सिंह, हरक सिंह, दान सिंह, गंगा सिंह, टीकेंद्र सिंह शामिल थे।
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