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सड़क बंद होने के कारण गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने में लग गए 10घंटे

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 20 Oct 2021 12:24 AM IST
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Road closed, it took 10 hours to take pregnant to hospital
पिथौरागढ़-थल सड़क से पत्थर हटाते 108 एंबुलेंस कर्मी। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। लगातार हो रही बारिश गर्भवती महिलाओं और मरीजों पर भारी पड़ रही है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान और प्रशासन के रेड अलर्ट के बावजूद धरातल पर सारी तैयारी धरी की धरी रह गई।
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सोमवार को भारी बारिश में तेजम-चेटाबगड़ की गर्भवती महिला प्रियंका पत्नी कमल सिंह की जिंदगी तब खतरे में पड़ गई जब उसको रात करीब 12 बजे अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। महिला के परिजन 108 एंबुलेंस की मदद से महिला को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र गोचर लेकर आए। यहां से प्रसव को जटिल बताकर महिला अस्पताल रेफर किया गया। इसके बाद महिला को फिर से भारी बारिश और खराब रास्ते के बावजूद 108 एंबुलेंस पिथौरागढ़ अस्पताल पहुंचाने के लिए चली। एंबुलेंस लेकघाटी पहुंची थी कि यहां सड़क पर आए बोल्डरों ने एंबुलेंस का रास्ता रोक दिया। 108 सेवा के प्रभारी परम पंत ने आपदा प्रबंधन ग्रुप में सड़क बंद होने की सूचना दी। जब कोई सहायता नहीं मिली तो रात तीन बजे पंत ने जिला मुख्यालय से दूसरी एंबुलेंस को भेजा। इसके बाद गर्भवती को उसमें शिफ्ट कर जिला महिला अस्पताल पहुंचाया गया।
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दूसरी एंबुलेंस को भी पूरे रास्ते में कई अवरोधों का सामना करना पड़ा और उसके कर्मी किसी तरह रास्ते में आए बोल्डरों और पेड़ों को हटाते हुए बुंगाछीना पहुंचे। यहां नाले के सड़क में आने के कारण एंबुलेंस कीचड़ में फंस गई।
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108 कर्मियों ने जिला प्रभारी पंत को इसकी सूचना दी। तीसरी एंबुलेंस को सड़क से निकालने के लिए कुल्हाड़ी, फावड़ा, बेलचा लेकर चार बजे पंत खुद रवाना हुए और पांच बजे मौके पर पहुंचे। दोनों एंबुलेंस के स्टाफ और स्वयं प्रभारी से रास्ता नहीं खोला जा सका तो पंत ने फिर आपदा प्रबंधन विभाग से मदद मांगी, जिस पर डीएम ने तुरंत संज्ञान लिया और प्रशासन को सड़क खोलने में मदद कर उक्त महिला के लिए मेडिकल टीम भेजने का आदेश दिया। इसके बावजूद छह बजे तक कोई मदद न मिलने पर 108 कर्मियों और पीछे से आ रही रोडवेज बस में सवार कुछ यात्रियों ने स्वयं मलबा हटा कर एंबुलेंस के लिए रास्ता बनाया। तभी एंबुलेंस आगे बढ़ सकी। आठ बजे तक कई अवरोधों को हटाते हुए एंबुलेंस सिल गांव के पास पहुंची। तब तक महिला के परिजन उसे एक निजी वाहन में शिफ्ट कर वहां तक पहुंच गए थे। महिला को एंबुलेंस में शिफ्ट करके 108 कर्मी पिथौरागढ़ की ओर रवाना हुए। लगभग 10 बजे महिला को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।

स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से नहीं मिली सहायता
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में 108 सेवा लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। आपदा काल हो या कोई भी मौसम 108 सेवा ने समय पर पहुंच कर लोगों को राहत पहुंचाई है। न तो जिला प्रशासन और न ही स्वास्थ्य विभाग से 108 के कर्मियों को मदद नहीं मिल सकी। लोनिवि और स्वास्थ्य विभाग किसी ने भी डीएम के निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया।
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