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Pithoragarh News: सड़क बंद, 500 क्विंटल आलू-राजमा घरों में डंप
Tue, 22 Oct 2024 12:05 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 22 Oct 2024 12:05 AM IST
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प्रतीकात्मक
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। पहले ही मौसम की मार से मुनस्यारी में प्रसिद्ध आलू और राजमा का उत्पादन घटा है। अब सड़कें बंद होने से किसानों के लिए आलू और राजमा को बाजार तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा है और यह घरों में बर्बाद हो रहा है। क्वीरीजिमिया गाव में 500 क्विंटल से अधिक आलू और राजमा की फसल घरों में डंप है जो बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ गई है और वे नुकसान से बचने के लिए सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
मुनस्यारी के गांवों का आलू और राजमा देश में प्रसिद्ध है। क्वीरीजिमिया गांव में हर साल एक 500 क्विंटल से अधिक आलू और राजमा का उत्पादन होता है इससे 150 से अधिक किसानों की आजीविका चलती है।
इस बार मानसूनकाल में अधिक बारिश होने से आलू और राजमा का उत्पादन घटा है। अब पांच महीने से बंद सड़क ने क्वीरीजिमिया के किसानों की मुश्किल बढ़ाने का काम किया है। अक्तूबर महीने में यहां के किसान आलू और राजमा को बाजार तक पहुंचाते हैं।
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सड़क बंद होने से इन उत्पादों को बाजार पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में आलू और राजमा घरों में बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गया है। यदि जल्द सड़क नहीं खुली तो किसानों को खासा नुकसान झेलना पड़ सकता है। समय बीतने के साथ किसानों की चिंता बढ़ने लगी है।
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मुनस्यारी के गांवों का आलू और राजमा देश में प्रसिद्ध है। क्वीरीजिमिया गांव में हर साल एक 500 क्विंटल से अधिक आलू और राजमा का उत्पादन होता है इससे 150 से अधिक किसानों की आजीविका चलती है।
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इस बार मानसूनकाल में अधिक बारिश होने से आलू और राजमा का उत्पादन घटा है। अब पांच महीने से बंद सड़क ने क्वीरीजिमिया के किसानों की मुश्किल बढ़ाने का काम किया है। अक्तूबर महीने में यहां के किसान आलू और राजमा को बाजार तक पहुंचाते हैं।
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सड़क बंद होने से इन उत्पादों को बाजार पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे में आलू और राजमा घरों में बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गया है। यदि जल्द सड़क नहीं खुली तो किसानों को खासा नुकसान झेलना पड़ सकता है। समय बीतने के साथ किसानों की चिंता बढ़ने लगी है।