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टूटे रास्ते की मरम्मत हमारी जिम्मेदारी नहीं
अमर उजाला ब्यूरो पिथौरागढ़
Updated Mon, 08 May 2017 11:08 PM IST
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किशनी शमशेरगंज मार्ग पर जगह जगह गड्ढे
- फोटो : अमर उजाला
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सीमा सड़क संगठन के अधीन धारचूला से लिपुलेख तक निर्माण का काम कर रही गर्ग एंड गर्ग (जी एंड जी) कंपनी के अधिकारियों ने साफ शब्दों में कह दिया है कि गर्वाधार से लखनपुर के बीच सड़क निर्माण के दौरान निकल रहे मलबे से क्षतिग्रस्त पैदल रास्ते की मरम्मत की जिम्मेदारी कंपनी की नहीं है। दो दिन पूर्व लखनपुर में मलबे की चपेट में आकर एक खच्चर की मौत हो गई थी। इस मामले में एसडीएम आरके पांडे और तहसीलदार आईबी मल्ल ने जी एंड जी कंपनी के अधिकारियों से कहा था कि वह क्षतिग्रस्त पैदल रास्ते की मरम्मत करे ताकि कैलाश मानसरोवर यात्रा तथा माइग्रेशन पर लौट रहे लोगों को दिक्कत न हो।
इस मामले में जी एंड जी के प्रोजेक्ट मैनेजर संतोष कुमार ने कहा है कि उनका अनुबंध तिब्बत सीमा पर स्थित लिपुलेख तक सड़क निर्माण के लिए हुआ है। सामरिक महत्व की इस सड़क के निर्माण को प्राथमिकता में रखा गया है। यदि सड़क निर्माण के दौरान निकले मलबे से पैदल रास्ता टूट रहा है तो उसकी मरम्मत की जिम्मेदारी कंपनी की नहीं है। उन्होंने कहा कि अब प्रशासन को खुद तय करना होगा कि या तो सड़क निर्माण का काम होने दे या फिर सड़क निर्माण का काम बंद कर पैदल रास्ते से आवाजाही कराए।
अभी तहसील प्रशासन ने इस मुद्दे का कोई हल नहीं निकाला है। तहसील प्रशासन एक बार फिर से जी एंड जी के अधिकारियों के साथ बैठक करने की तैयारी में है और कोई समाधान निकालने का प्रयास करेगा। यहां बता दें कि कैलाश मानसरोवर यात्रियों को गर्वाधार से लखनपुर वाले पैदल रास्ते से होकर जाना पड़ता है। यह रास्ता इस समय सड़क निर्माण का मलबा गिरने से बेहद खतरनाक हालत में पहुंच गया है।
इस मामले में जी एंड जी के प्रोजेक्ट मैनेजर संतोष कुमार ने कहा है कि उनका अनुबंध तिब्बत सीमा पर स्थित लिपुलेख तक सड़क निर्माण के लिए हुआ है। सामरिक महत्व की इस सड़क के निर्माण को प्राथमिकता में रखा गया है। यदि सड़क निर्माण के दौरान निकले मलबे से पैदल रास्ता टूट रहा है तो उसकी मरम्मत की जिम्मेदारी कंपनी की नहीं है। उन्होंने कहा कि अब प्रशासन को खुद तय करना होगा कि या तो सड़क निर्माण का काम होने दे या फिर सड़क निर्माण का काम बंद कर पैदल रास्ते से आवाजाही कराए।
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अभी तहसील प्रशासन ने इस मुद्दे का कोई हल नहीं निकाला है। तहसील प्रशासन एक बार फिर से जी एंड जी के अधिकारियों के साथ बैठक करने की तैयारी में है और कोई समाधान निकालने का प्रयास करेगा। यहां बता दें कि कैलाश मानसरोवर यात्रियों को गर्वाधार से लखनपुर वाले पैदल रास्ते से होकर जाना पड़ता है। यह रास्ता इस समय सड़क निर्माण का मलबा गिरने से बेहद खतरनाक हालत में पहुंच गया है।
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