{"_id":"6175aec310977545c148ac7d","slug":"ramleela-in-dididhat-pithoragarh-news-hld4424887134","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुन मेरी प्यारी जनक दुलारी, तू सीता वण नी आली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुन मेरी प्यारी जनक दुलारी, तू सीता वण नी आली
विज्ञापन
थल की रामलीला में भरत राम की चरण पादुका ले जाते हुए। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीडीहाट/जौलजीबी (पिथौरागढ़)। रामलीला के चौथे दिन दशरथ का राम को राजा घोषित करने से राम वनवास तक के दृश्यों का मंचन किया गया। कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल और विशिष्ट अतिथि ब्लॉक प्रमुख बबीता चुफाल ने रामलीला का शुभारंभ किया। उन्होंने लोगों से राम के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
रामलीला में मंथरा का कैकेयी को दो वर मांगने के लिए कोप भवन में भेजने, कैकेयी को मनाने से राम वनवास तक के दृश्यों का मंचन किया गया। राम-सीता के कई संवाद पहाड़ी तर्ज में हुए।
राम के सीता को वन जाने से रोकने के लिए गाए गए पहाड़ी तर्ज पर सुन मेरी प्यारी जनक दुलारी, तू सीता वण नी आली के संवाद को लोगों ने काफी सराहा। दशरथ की भूमिका में सत्यम जोशी, कैकेयी की भूमिका में आनंद ने बेहतरीन अभिनय किया। मंचन के चौथे दिन लोकेश भड़, दीपक चुफाल, मान सिंह चुफाल, पूरन खोलिया, बबीता मेहरा, निर्देशक ओमप्रकाश वर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन
जौलजीबी में रामलीला मंचन जारी है। तीसरे दिवस की रामलीला में राम का शिव धनुष तोड़ने, परशुराम क्रोध, लक्ष्मण-परशुराम संवाद के दृश्यों का मंचन किया गया। रामलीला मंचन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मदकोट कस्बे में भी रामलीला का मंचन जारी है।
तू नहीं जाने मेरे बल को, जो तू आया मुझे समझाने
पिथौरागढ़। सोरगढ़ की महिला रामलीला में हनुमान और राम की भेंट से लक्ष्मण का चेतना से लौटने के दृश्यों का मंचन किया गया। रामलीला का शुभारंभ हनुमान, राम की भेंट से होती है। इसके बाद राम-सुग्रीव मित्रता, बाली वध, हनुमान का सीता की खोज में लंका जाने, अशोक वाटिका विध्वंस एवं लंका दहन, अंगद का रावण को समझाना, रावण का तू नहीं जाने मेरे बल को, जो तू आया मुझे समझाने के लिए कहना।
लक्ष्मण शक्ति, हनुमान का संजीवनी लाना, लक्ष्मण की चेतना लौटने के दृश्यों का मंचन किया गया। मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत, महेंद्र सिंह लुंठी, राजेंद्र भट्ट रहे। हनुमान की भूमिका ममता पाठक, अंगद की मंजू ओझा, शबरी की सुशीला पुनेठा, तारा नैनी नेगी, मेघनाद ज्योति पंत, त्रिजटा बबीता पाठक, लक्ष्मण की भूमिका अर्जिता पाठक ने निभाई।
गंगोलीहाट में हुआ मेघनाद और रावण का वध
गंगोलीहाट। श्री महाकाली रामलीला कमेटी की रामलीला में शनिवार रात लक्ष्मण के हाथों मेघनाद और राम के हाथों रावण का वध हुआ। अग्नि परीक्षा के बाद राम के साथ सीता का मिलन हुआ। रविवार को राम का अयोध्या में प्रवेश के मंचन से पहले शहर में झांकी निकाली गई, जिसमें स्कूली बच्चे भी शामिल रहे। महाकाली मार्ग से होकर नगर के विभिन्न हिस्सों में पहुंची झांकी का विसर्जन किया गया। अब राम के राज्याभिषेक का मंचन दिखाया जाएगा।
मोरे रामा जी उतरेंगे पार ओ नदिया धीरे बहो....हय्या रे हय्या....
थल (पिथौरागढ़)। छठे दिन की रामलीला में राम का निषाद से मिलन, गंगा तट पर राम का केवट से भेंट कर गंगा पार कराने से लेकर राम-भरत मिलाप तक की लीला का मंचन किया गया। लीला में गंगा तट से सुमंत का हताश होकर लौटना, राम के वियोग में दशरथ का प्राण त्यागना, भरत का नौनिहाल से लौटकर कैकेयी को कोसना, शत्रुघ्न का दासी मंथरा की षड्यंत्र पर लात मारना, भरत समाज सहित राम से मिलकर चरण पादुका मांगकर लौटना दिखाया गया। लीला देखने के लिए दूर-दूर से आ रहे हैं। रामलीला में विशिष्ट एसबीआई पिथौरागढ़ के शाखा प्रबंधक मंगल सिंह पांगती, प्रमुख राज्य आंदोलनकारी गजेंद्र सिंह गंगू, प्रवक्ता मनोहर सिंह क्वीरियाल, अध्यापक विपिन चंद्र उपाध्याय, पीटीई मनोज सिंह क्वीरियाल, कौस्तुभानंद ततराड़ी को कमेटी के अध्यक्ष दिनेश चंद्र पाठक, सचिव अर्जुन सिंह रावत, कोषाध्यक्ष प्रवीण जंगपांगी, कृष्ण गोपाल पंत, नरेंद्र सौन आदि रहे।
विज्ञापन
रामलीला में मंथरा का कैकेयी को दो वर मांगने के लिए कोप भवन में भेजने, कैकेयी को मनाने से राम वनवास तक के दृश्यों का मंचन किया गया। राम-सीता के कई संवाद पहाड़ी तर्ज में हुए।
विज्ञापन
राम के सीता को वन जाने से रोकने के लिए गाए गए पहाड़ी तर्ज पर सुन मेरी प्यारी जनक दुलारी, तू सीता वण नी आली के संवाद को लोगों ने काफी सराहा। दशरथ की भूमिका में सत्यम जोशी, कैकेयी की भूमिका में आनंद ने बेहतरीन अभिनय किया। मंचन के चौथे दिन लोकेश भड़, दीपक चुफाल, मान सिंह चुफाल, पूरन खोलिया, बबीता मेहरा, निर्देशक ओमप्रकाश वर्मा मौजूद रहे।
विज्ञापन
जौलजीबी में रामलीला मंचन जारी है। तीसरे दिवस की रामलीला में राम का शिव धनुष तोड़ने, परशुराम क्रोध, लक्ष्मण-परशुराम संवाद के दृश्यों का मंचन किया गया। रामलीला मंचन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मदकोट कस्बे में भी रामलीला का मंचन जारी है।
तू नहीं जाने मेरे बल को, जो तू आया मुझे समझाने
पिथौरागढ़। सोरगढ़ की महिला रामलीला में हनुमान और राम की भेंट से लक्ष्मण का चेतना से लौटने के दृश्यों का मंचन किया गया। रामलीला का शुभारंभ हनुमान, राम की भेंट से होती है। इसके बाद राम-सुग्रीव मित्रता, बाली वध, हनुमान का सीता की खोज में लंका जाने, अशोक वाटिका विध्वंस एवं लंका दहन, अंगद का रावण को समझाना, रावण का तू नहीं जाने मेरे बल को, जो तू आया मुझे समझाने के लिए कहना।
लक्ष्मण शक्ति, हनुमान का संजीवनी लाना, लक्ष्मण की चेतना लौटने के दृश्यों का मंचन किया गया। मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत, महेंद्र सिंह लुंठी, राजेंद्र भट्ट रहे। हनुमान की भूमिका ममता पाठक, अंगद की मंजू ओझा, शबरी की सुशीला पुनेठा, तारा नैनी नेगी, मेघनाद ज्योति पंत, त्रिजटा बबीता पाठक, लक्ष्मण की भूमिका अर्जिता पाठक ने निभाई।
गंगोलीहाट में हुआ मेघनाद और रावण का वध
गंगोलीहाट। श्री महाकाली रामलीला कमेटी की रामलीला में शनिवार रात लक्ष्मण के हाथों मेघनाद और राम के हाथों रावण का वध हुआ। अग्नि परीक्षा के बाद राम के साथ सीता का मिलन हुआ। रविवार को राम का अयोध्या में प्रवेश के मंचन से पहले शहर में झांकी निकाली गई, जिसमें स्कूली बच्चे भी शामिल रहे। महाकाली मार्ग से होकर नगर के विभिन्न हिस्सों में पहुंची झांकी का विसर्जन किया गया। अब राम के राज्याभिषेक का मंचन दिखाया जाएगा।
मोरे रामा जी उतरेंगे पार ओ नदिया धीरे बहो....हय्या रे हय्या....
थल (पिथौरागढ़)। छठे दिन की रामलीला में राम का निषाद से मिलन, गंगा तट पर राम का केवट से भेंट कर गंगा पार कराने से लेकर राम-भरत मिलाप तक की लीला का मंचन किया गया। लीला में गंगा तट से सुमंत का हताश होकर लौटना, राम के वियोग में दशरथ का प्राण त्यागना, भरत का नौनिहाल से लौटकर कैकेयी को कोसना, शत्रुघ्न का दासी मंथरा की षड्यंत्र पर लात मारना, भरत समाज सहित राम से मिलकर चरण पादुका मांगकर लौटना दिखाया गया। लीला देखने के लिए दूर-दूर से आ रहे हैं। रामलीला में विशिष्ट एसबीआई पिथौरागढ़ के शाखा प्रबंधक मंगल सिंह पांगती, प्रमुख राज्य आंदोलनकारी गजेंद्र सिंह गंगू, प्रवक्ता मनोहर सिंह क्वीरियाल, अध्यापक विपिन चंद्र उपाध्याय, पीटीई मनोज सिंह क्वीरियाल, कौस्तुभानंद ततराड़ी को कमेटी के अध्यक्ष दिनेश चंद्र पाठक, सचिव अर्जुन सिंह रावत, कोषाध्यक्ष प्रवीण जंगपांगी, कृष्ण गोपाल पंत, नरेंद्र सौन आदि रहे।