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Pithoragarh News: भाईयों के हाथों में सजेगी पिरूल से बनी राखियां

Sat, 19 Aug 2023 11:08 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 19 Aug 2023 11:08 PM IST
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Rakhis made of Pirul will be decorated in the hands of brothers
पिथौरागढ़ में महिलाओं की ओर से बनाई गई पिरूल की रा​खियां। स्रोत : रीप परियोजना।
पिथौरागढ़। महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पिरूल और ऐपण से राखियां बनाई हैं। ये राखियां देश की सरहदों की रक्षा कर रहे जवानों को भेजी जाएंगी। साथ ही ये राखियां हिलांस आउटलेट के माध्यम से आम लोगों के लिए बाजार में उतार दी गई हैं। जो लोगों को सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगी।
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पिथौरागढ़ में एनआरएलएम और रीप परियोजना के तहत थलकेदार आजीविका स्वायत्त सहकारिता की प्रिया चंद, प्रेमा ने पिरूल और निशु पुनेठा ने ऐंपण की राखियां बनाई हैं। नौ अगस्त को सीएम पुष्कर सिंह धामी की पत्नी गीता धामी ने राखियां बनाने वाली महिलाओं से वर्चुअल संवाद किया था। उन्होंने महिलाओं के प्रयासों की सराहना की थी। पिरूल और ऐंपण राखियों को देहरादून सीएम आवास भेजा जा रहा है।
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जनपद स्तरीय फेडरेशन की अध्यक्ष रेखा भट्ट ने बताया कि अभी तक सीएम आवास को 151 राखियां भेज दी हैं। इसके अलावा हिलांस आउटलेट के माध्यम से राखियों को बाजार में उतारा गया है। सहायक परियोजना अधिकारी दिनेश दिगारी का कहना है कि पिरूल और ऐपण से राखियां बनाकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है। महिलाओं का इस कार्य में पूरा सहयोग किया जा रहा है।
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25 से 30 रुपये की है एक राखी
पिथौरागढ़। महिलाओं की ओर से बनाई गई राखियों की कीमत 25 से 30 रुपये है। महिलाएं जंगलों से पिरूल जमा कर उसकी राखियां बना रही हैं। इसके अलावा राखियां बनाने में रिंगाल का भी प्रयोग किया जा रहा है। लोगों ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना की है। संवाद

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इनसेट कोट-
पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए पिरूल और ऐपण राखियों को बाजार में उतारा गया है। राखियों को सीएम आवास भी भिजवाया जा रहा है। यहां से इन राखियों को देश की सरहदों की रक्षा करने वाले सैनिकों को भेजा जाएगा।
प्रतीम भट्ट, परियोजना प्रबंधक रीप परियोजना पिथौरागढ़।
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