{"_id":"68dac36d36d1b054a808e80b","slug":"pregnant-women-will-no-longer-have-to-wait-for-small-tests-of-great-importance-pithoragarh-news-c-230-1-shld1024-133091-2025-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: बड़े महत्व की छोटी जांच के लिए गर्भवतियों को नहीं करना होगा इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: बड़े महत्व की छोटी जांच के लिए गर्भवतियों को नहीं करना होगा इंतजार
Mon, 29 Sep 2025 11:05 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 29 Sep 2025 11:05 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। गर्भावस्था में समय-समय पर अल्ट्रासाउंड जांच काफी अहम होती है। बड़े शहरों में इस जांच के लिए महिलाओं को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ता लेकिन सीमांत जिले में बड़े महत्व की इस छोटी जांच के लिए गर्भवतियों को काफी लंबा इंतजार करना पड़ता है। अब ऐसा नहीं होगा, महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवतियों को प्राथमिकता मिलेगी। समय से उनका अल्ट्रासाउंड होगा और उन्हें होटलों या रिश्तेदारों के यहां शरण नहीं लेनी होगी।
जिला अस्पताल को छोड़कर जिले के किसी भी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। इसकी मार गर्भवतियों को सहनी पड़ रही है। जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव होने से गर्भवतियों का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए महिला अस्पताल में सप्ताह में दो दिन (बुधवार और शुक्रवार) शिविर आयोजित होता है। शिविर के दौरान अन्य महिलाओं के अल्ट्रासाउंड कराने से गर्भवतियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
हालात यह है कि देरी से नंबर आने से कई गर्भवतियों का घर लौटना मुश्किल होता है और इन्हें होटलों या रिश्तेदारों के यहां शरण लेनी पड़ती है। इस समस्या को संवाद न्यूज एजेंसी ने 29 सितंबर के अंक में पिथौरागढ़ की गर्भवतियों के लिए अल्ट्रासाउंड कराना बना चुनौती शीर्षक से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने महिला अस्पताल में शिविर के दौरान अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवतियों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। अब शिविर में पहले गर्भवतियों का अल्ट्रासाउंड होगा और बाद में अन्य महिलाओं का।
विज्ञापन
--
जिला अस्पताल में भी गर्भवतियों का होगा अल्ट्रासाउंड
स्वास्थ्य विभाग गर्भवतियों को राहत देने के लिए महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए दो दिन शिविर लगा रहा है। यदि जिले की कोई गर्भवती अन्य दिन भी जिला अस्पताल पहुंचेगी तो उसका यहां अल्ट्रासाउंड होगा। स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले की लोगों ने सराहना की है।
कोट
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवतियों को प्राथमिकता मिलेगी। यदि कोई गर्भवती अन्य दिनों में जिला अस्पताल भी पहुंचती है तो उसका भी अल्ट्रासाउंड होगा। गर्भवतियों की परेशानी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
विज्ञापन
पिथौरागढ़। गर्भावस्था में समय-समय पर अल्ट्रासाउंड जांच काफी अहम होती है। बड़े शहरों में इस जांच के लिए महिलाओं को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ता लेकिन सीमांत जिले में बड़े महत्व की इस छोटी जांच के लिए गर्भवतियों को काफी लंबा इंतजार करना पड़ता है। अब ऐसा नहीं होगा, महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवतियों को प्राथमिकता मिलेगी। समय से उनका अल्ट्रासाउंड होगा और उन्हें होटलों या रिश्तेदारों के यहां शरण नहीं लेनी होगी।
जिला अस्पताल को छोड़कर जिले के किसी भी अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट नहीं हैं। इसकी मार गर्भवतियों को सहनी पड़ रही है। जिला अस्पताल में मरीजों का दबाव होने से गर्भवतियों का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए महिला अस्पताल में सप्ताह में दो दिन (बुधवार और शुक्रवार) शिविर आयोजित होता है। शिविर के दौरान अन्य महिलाओं के अल्ट्रासाउंड कराने से गर्भवतियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
हालात यह है कि देरी से नंबर आने से कई गर्भवतियों का घर लौटना मुश्किल होता है और इन्हें होटलों या रिश्तेदारों के यहां शरण लेनी पड़ती है। इस समस्या को संवाद न्यूज एजेंसी ने 29 सितंबर के अंक में पिथौरागढ़ की गर्भवतियों के लिए अल्ट्रासाउंड कराना बना चुनौती शीर्षक से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने महिला अस्पताल में शिविर के दौरान अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवतियों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। अब शिविर में पहले गर्भवतियों का अल्ट्रासाउंड होगा और बाद में अन्य महिलाओं का।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में भी गर्भवतियों का होगा अल्ट्रासाउंड
स्वास्थ्य विभाग गर्भवतियों को राहत देने के लिए महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए दो दिन शिविर लगा रहा है। यदि जिले की कोई गर्भवती अन्य दिन भी जिला अस्पताल पहुंचेगी तो उसका यहां अल्ट्रासाउंड होगा। स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले की लोगों ने सराहना की है।
कोट
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवतियों को प्राथमिकता मिलेगी। यदि कोई गर्भवती अन्य दिनों में जिला अस्पताल भी पहुंचती है तो उसका भी अल्ट्रासाउंड होगा। गर्भवतियों की परेशानी को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। - डॉ. भागीरथी गर्ब्याल, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़