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19 मिनट में रोपे एक लाख से अधिक पौधे
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Tue, 14 Jul 2015 10:23 PM IST
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कुमाऊं में बेशक इन दिनों हरेला वीक मनाया जा रहा है। हर जगह पौधे लगाने के लिए अभियान चल रहा है। लेकिन 130 इन्फैंट्री बटालियन ने 5 जून को ही विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर ‘हरेला’ मनाकर 19 मिनट में 1 लाख से अधिक पौधे रोप अपनी इस उपलिब्ध को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज करा लिया है।
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बटालियन ने यह कारनामा विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों, कैमलिन इंडिया संस्था और वन विभाग के सहयोग से पिथौरागढ़ के निकट इग्यारदेवी में कर दिखाया था। पौधरोपण के इस रिकॉर्ड को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए भी इन्फैंट्री ने आवेदन किया है। बटालियन अब एक दिन में 10 लाख पौधे रोपने की तैयारियों में जुटी हुई है।
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मंगलवार को कासनी सैन्य छावनी स्थित बटालियन आफिस में कमान अधिकारी कर्नल नंदु कुमार बीएन ने पत्रकारों को तीन जुलाई को इग्यारदेवी मंदिर के सामने वाली पहाड़ी में किए गए पौधरोपण को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी, शिक्षक, कैमलिन इंडिया संस्था, वन विभाग के सहयोग से ही इग्यारदेवी में 1 लाख 4 हजार 36 पौधे रोपे गए। सभी के सहयोग से पौधरोपण के इस कार्यक्रम को सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि बटालियन का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण अभियान से जोड़ना है।
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कर्नल बीएन ने इस बात पर चिंता जताई कि बटालियन तीन साल तक पौधे की सुरक्षा कर संबंधित वन पंचायत, ग्राम पंचायत को सौंपती है, लेकिन उसके बाद ग्रामीण उनकी देखरेख नहीं करते। घास कटाई के साथ पौधों को काटने से पौधों के जीवनदर में भारी गिरावट आ जाती है। उन्होंने बताया कि पौधरोपण का रिकॉर्ड गिनीज बुक में दर्ज कराने के लिए आवेदन किया गया है। अब एक दिन में 10 लाख पौधे रोपने की रणनीति बनाई जा रही है।
वर्ष 1994 में स्थापित 130 बटालियन को इंदिरा गांधी पर्यावरण पुरस्कार, जनरल बीसी जोशी अवार्ड, अनिरुद्ध भार्गव अवार्ड, बायोबेद एन्वायरमेंट अवार्ड के साथ ही चार बार उत्कृष्ट पर्यावरण अवार्ड से नवाजा जा चुका है।