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पिथौरागढ़ के पांच आयुर्वेदिक डॉक्टरों का वेतन रोका
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 21 Jan 2017 10:39 PM IST
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वेतन रोका
- फोटो : अमर उजाला
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देहरादून और हरिद्वार के आयुर्वेदिक विश्वविद्यालयों में संबद्ध किए गए इस जिले के पांच आयुर्वेदिक डॉक्टरों का वेतन रोक दिया गया है। इन डॉक्टरों को दिसंबर का वेतन नहीं मिला और अब जनवरी का वेतन भी रोकने की तैयारी की जा रही है। जिले के डीडीहाट, गर्खा, अलगड़ा, खतेड़ा और देवबिसौना आयुर्वेदिक अस्पतालों के डॉक्टरों को बिना प्रतिस्थानी के जुलाई में आयुर्वेदिक विश्वविद्यालयों से संबद्ध कर दिया गया था।
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तत्कालीन जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने इन डॉक्टरों को आदेश दिया था कि वह तत्काल मूल अस्पताल में तैनाती दें। विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया था कि डॉक्टरों को सिर्फ तीन माह के लिए रखा जा रहा है, उसके बाद अक्तूबर में इनको मूल अस्पतालों में वापस भेज दिया जाएगा। किसी भी डॉक्टर ने संबद्धता की अवधि समाप्त होने के बाद भी अपने मूल अस्पताल को ज्वाइन नहीं किया। बताया गया कि स्वास्थ्य सचिव ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए डॉक्टरों को वापस भेजने का आदेश दिया था।
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इधर, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डा. जीसीएस जंगपांगी ने बताया कि पांचों डॉक्टरों को दिसंबर के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। चूंकि इन डॉक्टरों ने अब तक अपने मूल अस्पतालों में ज्वाइनिंग नहीं दी है। इस कारण जनवरी का वेतन भी रोक दिया जाएगा। संबद्ध डॉक्टरों की तैनाती तो देहरादून और हरिद्वार में है, लेकिन इनका वेतन पिथौरागढ़ से निकल रहा था। डॉक्टरों को संबद्ध कर दिए जाने से डीडीहाट, गर्खा, अलगड़ा, खतेड़ा और देवबिसौना अस्पतालों में ताले लगे हैं। क्षेत्र के लोग कई बार डॉक्टरों की तैनाती की मांग उठा चुके हैं।
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