पिथौरागढ़ में बदला मौसम, मुनस्यारी में हिमपात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में रविवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। जिला मुख्यालय में अपरान्ह 3.30 बजे जमकर बारिश हुई, जबकि मुनस्यारी के पास नया बस्ती, खलियाटाप, बेटुलीधार, बलाती फार्म, धूरातोली, नागनीधार, साईपोलू, क्वीरीजिमिया, बुई, लेगा, मिलम, नामिक में इस मौसम की पहली बर्फबारी हो गई। मुनस्यारी नगर में दोपहर बाद बर्फ के फाहे गिरे। वहीं, मुनस्यारी के पास पंचाचूली, हंसलिंग, राजरंभा, छिपलाकेदार और धारचूला तहसील में गुंजी, कालापानी, नाभीढांग, लिपुलेख में भी हिमपात हो गया है। इस कारण पूरा जिला कड़ाके की ठंड की चपेट में है। साथ ही जिले की सभी ऊंची चोटियां बर्फ से लकदक हो गई हैं।
जिला मुख्यालय में सुबह से ही आसमान पर बादलों की आवाजाही होने लगी थी। दोपहर बाद गरज के साथ बारिश हुई। बारिश से यहां के तापमान में गिरावट आ गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे तक बादलों की आवाजाही बनी रहने का संकेत दिया है। अक्तूबर के बाद पहली बार बारिश होने से लोगों को काफी राहत मिली है।
इसके अलावा मुनस्यारी में बारिश और बर्फबारी के कारण कड़ाके की ठंड का असर शुरू हो गया है। बारिश के कारण मुनस्यारी का तापमान दो डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यदि अगले 24 घंटे तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहता है तो मुनस्यारी के निचले इलाकों में भी बर्फ गिर जाएगी। वहीं, मुनस्यारी में बर्फ गिरते ही लोग आनंद उठाने के लिए निकल गए। इस बार वर्ष के आखिरी सप्ताह में हिमपात होने से लोग काफी खुश हैं।
सड़क बंद होने से कई पर्यटक फंसे
मुनस्यारी। थल-मुनस्यारी मार्ग पर कालमुनि और पातलथौड़ के बीच जमकर बर्फ गिरी है। इस इलाके में सुबह चार बजे से हिमपात होने लगा था। सुबह करीब नौ बजे हल्द्वानी से सामान लेकर आ रहा ट्रक कालमुनि के पास बर्फ में रपटकर फंस गया। ट्रक में रखे सामान को अन्य वाहनों से मुनस्यारी ले जाया गया, जबकि थल-मुनस्यारी मार्ग पर यातायात बंद हो गया है। इस मार्ग से मुनस्यारी को आ रहे दिल्ली और पश्चिम बंगाल के 20 पर्यटक काफी देर तक कालामुनि में फंसे रहे। बाद में उन्होंने वाहन बदलकर मुनस्यारी तक आने की व्यवस्था की। लोनिवि डीडीहाट के अधिशासी अभियंता पीसी जोशी ने बताया कि रोड से बर्फ हटाने का काम सोमवार सुबह से किया जाएगा।
बर्फ देखकर पर्यटक उत्साहित
मुनस्यारी। बलाती फार्म, बेटुलीधार में रविवार सुबह जैसे ही हिमपात होने लगा तो बड़ी संख्या में पर्यटक वहां पहुंच गए। पातलथौड़ में भी काफी संख्या में पर्यटकों का जमावड़ा लगा रहा। दिल्ली के पर्यटक विजय नारंग, पश्चिम बंगाल के सुदीप्तो बनर्जी, दिल्ली की पूनम महाजन, कोलकाता के उत्तम बोस, अविनाश मुखर्जी ने कहा कि वह थर्टी फर्स्ट मनाने के लिए मुनस्यारी आए हैं। इस बार समय से पहले ही बर्फबारी देखकर काफी अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा कि अब 31 दिसंबर तक मुनस्यारी में ही रहेंगे। मुनस्यारी में अचानक पर्यटकों की गतिविधि बढ़ने लगी है।
डीडीहाट में जमकर बारिश
डीडीहाट। डीडीहाट में रविवार सुबह 11 बजे से पूरे एक घंटे तक जमकर बारिश हुई। बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और कड़ाके की ठंड में लोग घरों में ही दुबके रहे। लंबे समय बाद बारिश होने से लोगों ने राहत की सांस ली। नारायणनगर, मिर्थी, सानदेव में भी खूब बारिश हुई।
अस्कोट में ओलों से पौधों को नुकसान
अस्कोट। यहां सुबह 11 बजे से करीब 15 मिनट तक जमकर ओलावृष्टि हुई। ओलों की मार से सब्जी और फलों को नुकसान पहुंचा है। अस्कोट के पास के सभी गांवों में ओलों की मार से गेहूं और मसूर की फसल को नुकसान पहुंचा है। बाद में यहां कुछ देर तक बारिश हुई। कड़ाके की ठंड से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
फसलों को थोड़ी राहत मिली
पिथौरागढ़। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि ताजा बारिश से फसलों को थोड़ी राहत मिली है। जिन इलाकों में सूखे के कारण गेहूं के बीज नहीं उगे हैं, उनको उगने में मदद मिल जाएगी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डा. आरके सिंह ने कहा कि अभी हालांकि अच्छी बारिश नहीं हुई है, लेकिन जमीन में थोड़ी नमी की मात्रा बढ़ जाएगी और खासकर सब्जियों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित होगी। अब किसानों को खेतों में खाद का छिड़काव कर देना चाहिए।
सूखी ठंड का असर कम होगा
पिथौरागढ़। डॉक्टरों का कहना है कि ताजा बारिश से सूखी ठंड का असर कम होगा। सूखी ठंड के कारण होने वाली सर्दी, जुकाम, वायरल, खांसी जैसी बीमारियों पर रोक लगेगी। धूल का असर कम होने से धूल से पैदा होने वाली बीमारियों पर भी नियंत्रण होगा। आयुर्वेद चिकित्सक एमडी डा. नवीन जोशी ने कहा कि लोगों को अब सुबह और शाम को पड़ने वाली कड़ाके की ठंड से बचाव करना होगा।