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Pithoragarh News: पिथौरागढ़ कैंपस को फिर महाविद्यालय बनाया जाए
Sat, 25 May 2024 12:10 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 25 May 2024 12:10 AM IST
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ कैंपस को वापस महाविद्यालय बनाने या फिर महाविद्यालय के लिए जमीन दान देने वाले लोगों को मुआवजा देने की मांग को लेकर छात्रसंघ और भूमि दान में देने वाले लोगों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने शीघ्र मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
शुक्रवार को नगर से लगे बजेटी और पपदेव के लोग कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने यहां डीएम रीना जोशी को ज्ञापन देकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पिथौरागढ़ को सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा से कैंपस का दर्जा दिया गया है। जिससे छात्र-छात्राएं काफी परेशान हैं। महाविद्यालय को कैंपस का दर्जा देने के कारण मध्यमवर्गीय परिवार के छात्र-छात्राएं शुल्क वृद्धि और सीमित सीटों के चलते परेशान हैं।
महाविद्यालय के लिए जमीन देने वाले दानदाताओं का कहना है कि उन्होंने पुश्तैनी जमीन महाविद्यालय को दी थी। इससे यहां की गरीब जनता को उच्च क्षा प्राप्त करने के लिए पलायन न करना पड़े। उच्चशिक्षा विभाग ने महाविद्यालय को दान दी गई जमीन को सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा को हस्तांतरित कर दी है और परिसर का दर्जा दे दिया गया है। इससे गरीब अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। उन्होंने कैंपस को हटाने या जमीन का मुआवजा देने की मांग उठाई। इस मौके पर पपदेव के ग्राम प्रधान राजेंद्र कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता केदार सिंह सेठी, पूर्व छात्र संघ सचिव ऋषेंद्र महर, छात्र नेता नितिन उप्रेती, छात्र संघ महासचिव मुकेश कुमार, राजेंद्र सेठी सहित कई लोग मौजूद रहे।
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शुक्रवार को नगर से लगे बजेटी और पपदेव के लोग कलक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने यहां डीएम रीना जोशी को ज्ञापन देकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पिथौरागढ़ को सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा से कैंपस का दर्जा दिया गया है। जिससे छात्र-छात्राएं काफी परेशान हैं। महाविद्यालय को कैंपस का दर्जा देने के कारण मध्यमवर्गीय परिवार के छात्र-छात्राएं शुल्क वृद्धि और सीमित सीटों के चलते परेशान हैं।
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महाविद्यालय के लिए जमीन देने वाले दानदाताओं का कहना है कि उन्होंने पुश्तैनी जमीन महाविद्यालय को दी थी। इससे यहां की गरीब जनता को उच्च क्षा प्राप्त करने के लिए पलायन न करना पड़े। उच्चशिक्षा विभाग ने महाविद्यालय को दान दी गई जमीन को सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा को हस्तांतरित कर दी है और परिसर का दर्जा दे दिया गया है। इससे गरीब अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। उन्होंने कैंपस को हटाने या जमीन का मुआवजा देने की मांग उठाई। इस मौके पर पपदेव के ग्राम प्रधान राजेंद्र कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता केदार सिंह सेठी, पूर्व छात्र संघ सचिव ऋषेंद्र महर, छात्र नेता नितिन उप्रेती, छात्र संघ महासचिव मुकेश कुमार, राजेंद्र सेठी सहित कई लोग मौजूद रहे।
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