फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Pithauragarh-Tawaghat NH remained closed for 9 hours

पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच नौ घंटे बंद रहा

Thu, 06 Jul 2017 10:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/अस्कोट
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/अस्कोट Updated Thu, 06 Jul 2017 10:39 PM IST
विज्ञापन
Pithauragarh-Tawaghat NH remained closed for 9 hours
डीडीहाट-दूनाकोट रोड पर पटे पत्थर - फोटो : अमर उजाला

पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच पर जौलजीबी, लखनपुर एवं बंदरलीमा में चट्टानें खिसकने और मलबा गिरने से यातायात नौ घंटे बंद रहा। यह सड़क बुधवार रात 12 बजे बंद हो गई थी। बृहस्पतिवार सुबह से मलबा हटाने का काम शुरू हुआ और सुबह नौ बजे से वाहनों की आवाजाही संभव हो पाई। सीमा सड़क संगठन के द्वितीय कमान अधिकारी आरबी अग्रवाल ने बताया कि तवाघाट से पांगला जाने वाली सड़क तीनतोला के पास बुरी तरह ध्वस्त हो गई है। इस सड़क के खुलने में कम से कम तीन दिन का समय और लग सकता है।

विज्ञापन


बारिश से जिले के कई आंतरिक मार्गों पर यातायात बंद हो गया है। अलबत्ता जिला मुख्यालय से मैदान को जोड़ने वाली सड़कों पर यातायात सामान्य रूप से जारी है। धारचूला तहसील के पय्यांपौड़ी में सड़क के मलबे से पैदल रास्ता, पेयजल लाइन, सिंचाई नहर ध्वस्त हो गई है। बृहस्पतिवार सुबह मलबे की चपेट में आने से यात्री वाहन और स्कूली बच्चे बाल-बाल बचे। लोगों का आरोप है कि ठेकेदार की मनमानी से यह समस्या पैदा हो रही है।
विज्ञापन


वहीं, थल-मुनस्यारी मार्ग बृहस्पतिवार को छोटे वाहनों के लिए खोल दिया है। रातापानी, ग्वीरा, घटीगाड़ में अब भी मलबा आने का खतरा बना है। जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए खुल गई है। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार मलबा आने से तेजम-शामा, तवाघाट-पांगला, तवाघाट-कंज्योति सड़क बंद हैं। लोनिवि और पीएमजीएसवाई के अधीन वाली कई आंतरिक सड़कें भी मलबा आने से बंद पड़ी हैं। देवलथल-कनालीछीना, मदकोट-बोना सड़क बंद है। डीडीहाट-आदीचौरा और डीडीहाट दूनाकोट मार्ग बंद पड़े हैं। चौबाटी-बोराबुंगा सड़क पर कई जगह मलबा पटा है। पैदल रास्ते भी कई स्थानों पर ध्वस्त हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जिले की सभी नदियां उफान पर
पिथौरागढ़। जिले की सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। अलबत्ता अभी सभी नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार महाकाली का जलस्तर बृहस्पतिवार को 888.55 मीटर रहा। महाकाली में खतरे का निशान 890 मीटर पर लगा है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गोरी का जलस्तर बृहस्पतिवार को 604.20 मीटर रहा। गोरी में खतरे का निशान 607.80 मीटर पर है। सरयू का जलस्तर रामेश्वर के पास 447 मीटर रहा। सरयू में खतरे का निशान 453 मीटर पर लगा है। इसके अलावा अन्य छोटी नदियों का जलस्तर भी बढ़ गया है।

कहां कितनी बारिश
पिथौरागढ़-23.0 एमएम
गंगोलीहाट-24.0 एमएम
बेड़ीनाग-10.0 एमएम
डीडीहाट-19.0 एमएम
मुनस्यारी-18.0 एमएम
धारचूला-64.0 एमएम

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed